भारत के खेल मंत्रालय ने फेडरेशन ऑफ मोटर स्पोर्ट्स क्लब्स ऑफ़ इंडिया (FMSCI) को अस्थायी राष्ट्रीय खेल संघ (NSF) का दर्जा दिया है। यह कदम सरकार की 2028 तक F1 रेस वापस लाने की महत्वाकांक्षा को तेज करता है।

मुख्य बिंदु

  • FMSCI को राष्ट्रीय खेल संघ (NSF) की अस्थायी मान्यता मिली
  • सरकार 2028 तक भारत में F1 रेस लाने की योजना बना रही है
  • एक टास्क फोर्स मोटरस्पोर्ट्स के आर्थिक और निवेश लाभों का मूल्यांकन करेगा

असहमति से मान्यता

नई दिल्ली – खेल मंत्रालय ने 23 जुलाई को जारी किए गए आदेश में कहा कि फेडरेशन ऑफ मोटर स्पोर्ट्स क्लब्स ऑफ़ इंडिया (FMSCI) को अस्थायी राष्ट्रीय खेल संघ (NSF) के रूप में मान्यता दी गई है। यह मान्यता 11 जून को FMSCI द्वारा दी गई आवेदन के बाद आई।

मंत्रालय ने FMSCI को अपने संविधान और समझौता ज्ञापन को राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 की शर्तों के अनुसार संशोधित करने का निर्देश दिया है, साथ ही वित्तीय पारदर्शिता, एंटी‑डोपिंग और शासन संरचना के मानकों का पालन करना अनिवार्य किया गया है।

क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia analysis shows that granting NSF status to FMSCI could streamline coordination between the government and the motorsport body, accelerating infrastructure development and attracting foreign investment for a potential Formula 1 Grand Prix.

"यदि FMSCI नियामक मानकों का पालन करता है, तो भारत में F1 की वापसी आर्थिक और पर्यटन लाभों की नई लहर ला सकती है," कहा विशेषज्ञ राजेश कुमार, मोटरस्पोर्ट्स विश्लेषक।

सरकार ने पहले ही एक टास्क फोर्स गठित किया है, जिसमें FMSCI, खेल मंत्रालय, राज्य सरकारें और ट्रैक मालिक शामिल होंगे। यह समूह मोटरस्पोर्ट्स इवेंट्स के आर्थिक, पर्यटन और निवेश प्रभावों का मूल्यांकन करेगा तथा आवश्यक बुनियादी ढांचे और संचालन आवश्यकताओं को निर्धारित करेगा।

क्या आप जानते हैं?: भारत ने 2011‑2013 में तीन साल तक फ़ॉर्मूला 1 ग्रैंड प्री की मेज़बानी की थी, लेकिन कर और वित्तीय कठिनाइयों के कारण रेस कैलेंडर से बाहर हो गई।

Frequently Asked Questions

  • FMSCI को NSF मान्यता मिलने से भारत में F1 रेस की योजना पर क्या असर पड़ेगा?
  • टास्क फोर्स किन प्रमुख बुनियादी ढांचा पहलुओं की जांच करेगा?