कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवाकुमार ने बेंगलुरु के ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए 40 किमी टनल, 500 किमी मेट्रो नेटवर्क और दोहरी FAR नीति सहित 1.5 लाख करोड़ रुपये का विशाल निवेश घोषित किया। यह पहल शहर की तेज़ी से बढ़ती जनसंख्या और बढ़ते ऑफिस किरायों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवाकुमार ने बुधवार को बेंगलुरु के बुनियादी ढाँचे को पुनः स्वरूपित करने के लिए एक ऐतिहासिक योजना का खुलासा किया। लगभग ₹1.5 लाख करोड़ के निवेश के साथ, राज्य सरकार ने 40 किमी लंबी टनल, 500 किमी मेट्रो लाइन और कई नई फ्लाईओवर परियोजनाओं को गति देने का संकल्प लिया है। यह कदम शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम, उच्च ऑफिस किरायों और तेज़ी से बढ़ती जनसंख्या की चुनौतियों का सामना करने के लिए उठाया गया है।

बुनियादी ढाँचा निवेश और दोहरी FAR नीति

शिवाकुमार ने कहा कि बेंगलुरु के अलावा कर्नाटक के टियर‑2 और टियर‑3 शहरों में डबल फ़्लोर एरिया रेशियो (FAR) प्रदान किया जाएगा, जिससे मल्टी‑स्टोरी बिल्डिंग का निर्माण आसान हो जाएगा। यह नीति न केवल हाई‑राइस वाले क्षेत्रों में आवासीय और वाणिज्यिक दबाव को कम करेगी, बल्कि उद्योगों को इन शहरों में स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन भी देगी।

मेट्रो विस्तार: 350 किमी से 500 किमी तक

वर्तमान में बेंगलुरु मेट्रो 350 किमी की लाइनें संचालित कर रहा है। सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष तक इसे 500 किमी तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, जिससे प्रमुख व्यापारिक और आवासीय क्षेत्रों को तेज़, भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन से जोड़ा जा सके। इस विस्तार से प्रति माह पंजीकृत होने वाले 30,000 नई गाड़ियों की संख्या को संतुलित करने में मदद मिलेगी।

टनल, फ्लाईओवर और बिजनेस कॉरिडोर परियोजनाएँ

हेब्बल के निकट ट्रैफिक को हल्का करने के लिए एक छोटा टनल रोड प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जबकि बेंगलुरु में 40 किमी लंबा टनल रोड भी तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही कैबिनेट में अनुमोदित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 44 किमी डबल‑डैकर फ्लाईओवर, 133 किमी की अतिरिक्त फ्लाईओवर श्रृंखला और 123 किमी का बेंगलुरु बिजनेस कॉरिडोर निर्माण के तहत है। ये सभी परियोजनाएँ शहर के प्रमुख बिंदुओं को जोड़ने और यात्रा समय को आधा करने की दिशा में कार्यरत हैं।

ऑफ़िस किरायों पर नई नीति

बेंगलुरु में ऑफिस किराए लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि कर्नाटक के टियर‑2 शहरों में ये किराए आधे से भी कम हैं। दोहरी FAR नीति के साथ, इन शहरों में हाई‑राइज़ इमारतों का निर्माण संभव होगा, जिससे कंपनियों को कम लागत में कार्यस्थल मिल सकेगा और बेंगलुरु की किराया महंगाई से राहत मिलेगी।

राज्य की आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

इन बुनियादी ढाँचा पहलों से न केवल ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, बल्कि कर्नाटक की कुल जीडीपी में भी उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी से आईटी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) जैसे सेक्टरों को नई ऊर्जा मिलेगी, जिससे रोजगार सृजन और विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, पर्यावरणीय दृष्टिकोण से कार्बन उत्सर्जन में कमी और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग में वृद्धि की उम्मीद है।