ईरान के खिलाफ संचालन में यू.एस. ने एक अरब डॉलर से अधिक मूल्य के रीपर ड्रोन खो दिए। इस नुकसान के जवाब में रक्षा विभाग ने कम लागत वाले शिकार‑हत्यारा ड्रोन की बड़ी मात्रा की खरीद का आह्वान किया।
अमेरिकी रक्षा विभाग ने हाल ही में घोषित किया है कि वह हजारों सस्ते हंटर‑किलर ड्रोन की तलाश में है, ताकि भविष्य के संघर्षों में भारी नुकसान को सहन किया जा सके। ईरान के ऊपर किए गए निगरानी और हमले के मिशनों में रीपर (MQ‑9) ड्रोन की कीमत औसतन 30 मिलियन डॉलर से अधिक है, और अब तक दर्ज किए गए नुकसानों की कुल कीमत एक अरब डॉलर से भी ऊपर पहुंच गई है।
परिचय और वर्तमान स्थिति
डिफेंस इनोवेशन यूनिट (DIU) द्वारा जारी नोटिस में बताया गया है कि मौजूदा उच्च‑मूल्य वाले ड्रोन और पायलट‑युक्त विमान “विरोधियों की परतदार और कम लागत वाली एंटी‑एयरक्राफ्ट क्षमताओं के सामने अस्थिर” हो रहे हैं। विभाग ने उद्योग को प्रस्तावित करने के लिए कहा है कि वे ऐसे ड्रोन तैयार करें जो कम लागत पर बड़े पैमाने पर तैनात किए जा सकें, भले ही उनमें से कई युद्ध में नष्ट हो जाएँ।
उक्रेन से सीख
इस रणनीति को पहले ही यूक्रेन की सेना ने प्रदर्शित किया है। रूसी आपूर्ति लाइनों, तेल रिफाइनरियों और औद्योगिक सुविधाओं पर उक्रेनी बलों ने सस्ते ड्रोन और मिसाइलों की सैकड़ों इकाइयों को दैनिक तौर पर उपयोग किया, जिससे रूसी वायु रक्षा प्रणाली पर अत्यधिक दबाव बना। इस प्रकार, कम लागत वाले प्लेटफ़ॉर्म के बड़े पैमाने पर उपयोग ने रूसी वायु रक्षा को “ओवरवेल्म” कर दिया, जबकि स्वयं ड्रोन की हानि को स्वीकार्य माना गया।
संभावित प्रभाव और चुनौतियाँ
यदि पेंटागन सफलतापूर्वक सस्ते ड्रोन विकसित कर लेता है, तो यह भविष्य के संघर्षों में लागत‑प्रभावशीलता को नया मानक स्थापित कर सकता है। हालांकि, तकनीकी विश्वसनीयता, स्वायत्तता स्तर, तथा इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (EW) के प्रति प्रतिरोध जैसी चुनौतियों को भी हल करना आवश्यक होगा। साथ ही, सस्ते ड्रोन के बड़े पैमाने पर उपयोग से “ड्रोन‑भारी” युद्ध की नई परिपाटी उभर सकती है, जहाँ संख्यात्मक श्रेष्ठता ही जीत का मुख्य कारक बन जाएगी।
भविष्य की राह
अमेरिकी सैन्य रणनीति अब “कमीशन‑टू‑डिलीवरी” मॉडल की ओर झुक रही है, जहाँ कम लागत वाले, तेज़ी से उत्पादन योग्य सिस्टम को प्राथमिकता दी जाएगी। यह बदलाव न केवल अमेरिकी रक्षा बजट को स्थिर करेगा, बल्कि संभावित प्रतिद्वंद्वियों को भी लागत‑पर‑प्रभावी विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित कर सकता है।