मेटा के विशेषज्ञों ने शेट्टी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में एआई और उभरती प्रौद्योगिकियों पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया। इस दौरान छात्रों को मेटा के स्मार्ट ग्लास का लाइव डेमो भी दिखाया गया।

कर्नाटक के कलबुर्गी में स्थित शेट्टी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (SIT) में हाल ही में एक ऐतिहासिक तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वैश्विक टेक दिग्गज मेटा (Meta) के शीर्ष इंजीनियरों ने छात्रों के साथ संवाद किया और उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा भविष्य की उभरती प्रौद्योगिकियों की बारीकियों से अवगत कराया।

मेटा के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

सत्र के दौरान मेटा की हार्डवेयर सिस्टम इंजीनियर और पोस्ट-सिलिकॉन एआई हार्डवेयर लीड, सामू चक्की, और सीनियर डेटा इंजीनियर सुहास ने छात्रों को तकनीकी दुनिया के बदलते स्वरूप के बारे में विस्तार से बताया। सामू चक्की, जिनके पास इंटेल और टेस्ला जैसी कंपनियों का अनुभव है, ने मेटा के कस्टम सिलिकॉन प्लेटफॉर्म के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे ये प्लेटफॉर्म बड़े एआई मॉडल के प्रशिक्षण और कार्यक्षमता के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

स्मार्ट चश्मों का लाइव प्रदर्शन

इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मेटा के एआई-पावर्ड रे-बैन स्मार्ट ग्लासेस (Ray-Ban Smart Glasses) का लाइव प्रदर्शन था। इस प्रदर्शन के माध्यम से छात्रों ने देखा कि कैसे पहनने योग्य तकनीक (wearable technology) और एआई मिलकर हमारे दैनिक अनुभवों को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखते हैं। यह प्रदर्शन केवल एक तकनीक का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि यह भविष्य की जीवनशैली की एक झलक थी।

उद्योग और शिक्षा के बीच की दूरी कम करना

एसआईटी के निदेशक अनिरुद्ध शेट्टी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के उद्योग-शिक्षण संवाद छात्रों को कक्षा के ज्ञान से परे वास्तविक दुनिया की तकनीकी चुनौतियों से परिचित कराने के लिए आवश्यक हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य अकादमिक शिक्षा और उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के बीच के अंतर को पाटना है। सत्र के अंत में एक गहन प्रश्नोत्तर सत्र भी हुआ, जिसमें छात्रों ने एआई, मशीन लर्निंग और डेटा इंजीनियरिंग जैसे विषयों पर विशेषज्ञों से सीधे सवाल पूछे।