UIDAI ने नया आधार ऐप लॉन्च किया, जिससे नागरिक अपने आधार कार्ड पर पता और मोबाइल नंबर ऑनलाइन बदल सकते हैं। अब आधार केंद्रों में लंबी लाइनों से बचते हुए, सिर्फ मोबाइल से 75 रुपये की मामूली फीस में अपडेट संभव है।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने हाल ही में न्यू आधार ऐप लॉन्च किया, जो Android और iPhone दोनों प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध है। यह ऐप नागरिकों को अपने आधार कार्ड पर पता और मोबाइल नंबर बदलने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाता है, जिससे पारंपरिक आधार केंद्रों में कतारों और यात्रा के झंझट से बचा जा सकता है।
परम्परागत प्रक्रिया और नई डिजिटल सुविधा
पहले, आधार पर पता या मोबाइल अपडेट करने के लिए निकटतम आधार केंद्र में जाकर फॉर्म भरना, दस्तावेज़ जमा करना और अक्सर कई घंटे इंतजार करना पड़ता था। यह प्रक्रिया विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी भीड़भाड़ वाले शहरों में बड़ी असुविधा बनती थी। नई ऐप के आने से यह पूरी प्रक्रिया मोबाइल पर 5‑10 मिनट में पूरी हो सकती है, जिससे डिजिटल भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ता है।
ऐप में उपलब्ध मुख्य सुविधाएँ
न्यू आधार ऐप में दो प्रमुख विकल्प हैं: “पता अपडेट” और “मोबाइल नंबर अपडेट”। उपयोगकर्ता को केवल अपना आधार नंबर दर्ज करके OTP के माध्यम से लॉग‑इन करना होता है, फिर आवश्यक दस्तावेज़ (जैसे बिजली बिल, बैंक स्टेटमेंट) को स्कैन करके अपलोड करना होता है। पहचान सत्यापन के लिए फेस ऑथेंटिकेशन या परिवार सदस्य के OTP का उपयोग किया जा सकता है।
अपडेट करने की चरणबद्ध प्रक्रिया
1. ऐप इंस्टॉल करें – Play Store या App Store से “UIDAI New Aadhaar” डाउनलोड करें।
2. लॉग‑इन करें – आधार नंबर और OTP से प्रमाणित हों।
3. सेवा चुनें – “Address Update” या “Mobile Number Update” पर टैप करें।
4. दस्तावेज़ अपलोड करें – मान्य प्रमाणपत्र का फोटो या स्कैन अपलोड करें।
5. फेस ऑथेंटिकेशन – कैमरा के माध्यम से चेहरा पहचानें।
6. फ़ीस जमा करें – 75 रुपये की ऑनलाइन भुगतान के बाद अनुरोध सबमिट करें।
सुरक्षा और डेटा संरक्षण
UIDAI ने बताया है कि सभी अपलोड किए गए दस्तावेज़ एन्क्रिप्टेड सर्वर पर सुरक्षित रखे जाते हैं और केवल अधिकृत अधिकारी ही उन्हें एक्सेस कर सकते हैं। फेस ऑथेंटिकेशन और OTP दो‑स्तरीय सत्यापन प्रक्रिया को मजबूती प्रदान करती है, जिससे धोखाधड़ी की संभावना न्यूनतम रहती है।
भविष्य की संभावनाएँ
डिजिटल पहचान के इस विस्तार से न केवल नागरिकों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि सरकारी सेवाओं के एकीकरण में भी गति आएगी। अनुमान है कि अगले दो वर्षों में आधार अपडेट की अधिकांश मांग ऐप के माध्यम से ही पूरी होगी, जिससे आधार केंद्रों का कार्यभार घटेगा और सार्वजनिक सेवाओं की दक्षता में सुधार होगा।