26 पूर्व Meta कर्मचारियों ने कैलिफ़ोर्निया के एक फेडरल कोर्ट में मुकदमा दायर किया, जिसमें वे दावा करते हैं कि कंपनी ने एआई‑आधारित प्रदर्शन मीटरों से विकलांग और चिकित्सीय अवकाश वाले कर्मचारियों को लक्षित किया। Meta ने कहा कि सभी निर्णय मानव द्वारा लिये गये और एआई का कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • Meta की बड़ी छंटनी में एआई‑आधारित मीटरों के उपयोग को भेदभाव का आरोप लगाया गया।
  • 26 पूर्व कर्मचारियों ने दावा किया कि स्वास्थ्य‑सम्बंधी डेटा का दुरुपयोग हुआ।
  • Meta ने जवाब दिया कि सभी निर्णय मानव द्वारा लिये गये और एआई कोई निरंकुश शक्ति नहीं रखता।

Meta Platforms, Inc. ने मई 2026 में लगभग 8,000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की, जो उसकी वैश्विक कार्यबल का लगभग 10 % था। इस कदम के बाद, कैलिफ़ोर्निया के एक फेडरल कोर्ट में 26 पूर्व कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से मुकदमा दायर किया, जिसमें वे कंपनी पर एआई‑संचालित भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं।

विवाद का मूल

आरोपकर्ता दावा करते हैं कि Meta ने अपने आंतरिक प्रदर्शन ट्रैकिंग सिस्टम, जिसमें डिजिटल उत्पादकता और व्यक्तिगत एआई टोकन उपयोग शामिल है, का उपयोग करके उन कर्मचारियों को छाँटा जो विकलांग थे, चिकित्सीय अवकाश ले रहे थे या अन्य स्वास्थ्य‑सम्बंधी कारणों से अनुपस्थित थे। इस प्रकार के डेटा को “स्वास्थ्य‑सम्बंधी जानकारी” के रूप में वर्गीकृत किया गया, जिससे वे अनुचित रूप से नौकरी से निकाल दिए गये।

कानूनी पृष्ठभूमि

यह मुकदमा अमेरिकी संघीय श्रम कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाता है, विशेषकर उन धाराों का जो विकलांगता, गर्भावस्था या मान्य पारिवारिक एवं चिकित्सीय अवकाश के आधार पर भेदभाव या प्रतिशोध को प्रतिबंधित करती हैं। 26 शिकायतियों ने अपना केस छह अमेरिकी राज्यों और कोलंबिया जिला सहित कई क्षेत्रों में जमा किया है, जिससे यह मुकदमा राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव डाल सकता है।

Meta की प्रतिक्रिया

Meta ने तुरंत इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि “कार्यबल प्रबंधन और संगठनात्मक निर्णय मानव द्वारा लिये गये, एआई नहीं।” कंपनी के प्रवक्ता ने यह स्पष्ट किया कि एआई एल्गोरिदम केवल डेटा विश्लेषण में सहायक होते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय हमेशा मानव प्रबंधन द्वारा किया जाता है।

आगे का रास्ता

पिछले सप्ताह, Meta के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क ज़ुकरबर्ग ने एक आंतरिक टाउनहॉल में स्वीकार किया कि कंपनी ने एआई‑आधारित पुनर्गठन के समय‑सारणी और प्रभाव को सही रूप से नहीं आँका। इस स्वीकारोक्ति ने इस मुकदमे को और जटिल बना दिया है, क्योंकि अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या एआई सिस्टम को पूरी तरह से नियामक निरीक्षण के अधीन किया जाना चाहिए।