Superhuman ने अपने नवीनतम ऑटो‑ड्राफ्ट फ़ीचर को लॉन्च किया है, जो इनबॉक्स की भीड़ को कम करने के लिए व्यक्तिगत टोन में ई‑मेल ड्राफ्ट तैयार करता है। परीक्षण में 60% ड्राफ्ट बिना किसी संपादन के भेजे गए, जिससे उत्पादकता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।

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मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • Superhuman का नया ऑटो‑ड्राफ्ट फीचर 60% ड्राफ्ट बिना संपादन के भेजता है।
  • फ़ीचर दो वैकल्पिक संस्करण उत्पन्न करता है, जिससे उपयोगकर्ता सही स्वर चुन सकता है।
  • Anthropic और OpenAI के फ्रंटियर मॉडलों के मिश्रण से अधिक संदर्भ‑सक्षम उत्तर मिलते हैं।

ई‑मेल ओवरफ़्लो को संभालने के लिए बड़े भाषा मॉडलों (LLM) की बूम के बाद, कई कंपनियों ने AI‑आधारित वर्गीकरण और उत्तर‑लेखन पर काम किया है। इस परिदृश्य में, Superhuman ने अपने ऑटो‑ड्राफ्ट फ़ीचर को एक नया संस्करण दिया है, जो महत्वपूर्ण ई‑मेल की पहचान कर उपयोगकर्ता के पूर्व वार्तालापों के टोन के अनुसार ड्राफ्ट तैयार करता है।

पिछला प्रयास और नई दिशा

पहले के “Instant Replies” और “Follow‑up Auto‑Drafts” अक्सर अत्यधिक उत्साही, रोबोटिक जवाब उत्पन्न करते थे, जिससे उपयोगकर्ता उनका कम ही प्रयोग करते थे। नई फ़ीचर में दो अतिरिक्त वैरिएंट उत्पन्न होते हैं, जिससे उपयोगकर्ता को चयन की लचीलापन मिलती है। बीटा परीक्षण में लेखक ने कई ड्राफ्ट ऐसे भेजे जिनमें न्यूनतम या कोई संपादन नहीं हुआ।

कैसे काम करता है?

फ़ीचर ई‑मेल की महत्ता का आकलन करता है, फिर पिछले संवादों के टोन को सीखकर उत्तर तैयार करता है। साथ ही, वह दो वैकल्पिक संस्करण बनाता है—जैसे कि एम्बार्गो अनुरोध को स्वीकार करना या मीटिंग का समय पुष्टि करना—जो उपयोगकर्ता को जल्दी से सटीक उत्तर चुनने की सुविधा देता है।

वास्तविक दुनिया में प्रदर्शन

लेखक ने देखा कि फ़ीचर ने तकनीकी पिच पर “मैं इस काम को संभाल नहीं सकता” जैसे स्पष्ट उत्तर तैयार किए, जबकि कभी‑कभी मध्य‑रात्रि मीटिंग के लिए सकारात्मक उत्तर भी बना। इन त्रुटियों को दो वैकल्पिक विकल्पों में से सही चयन कर आसानी से सुधारा गया। उपयोगकर्ता की प्रतिक्रिया के आधार पर मॉडल निरंतर सीखता है; उदाहरण के तौर पर, देर‑रात की मीटिंग की गलत स्वीकृति के बाद अगली बार वही समय सुझाने पर उत्तर “समय मेरे लिये उपयुक्त नहीं है” बदल गया।

भविष्य की राह

Superhuman के सह‑संस्थापक राहुल वोह्रा ने बताया कि 40% ऑटो‑ड्राफ्ट एक दिन के भीतर भेजे गए, जिनमें से 60% बिना किसी मैन्युअल संपादन के भेजे गए। यह सफलता GPT‑3.5 जैसे पुराने मॉडल की तुलना में अधिक उन्नत, Anthropic और OpenAI के फ्रंटियर मॉडल के मिश्रण से हासिल हुई है। कंपनी अब “Superhuman Go” नामक सहायक विकसित कर रही है, जो विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म पर कंटेक्स्ट को एक साथ जोड़ता है, जिससे उपयोगकर्ता का कार्य प्रवाह और भी सहज हो जाएगा।