चेन्नई मेट्रो की फेज II और फेज III विस्तार के तहत कोयंबेडु में चार-स्तरीय इंटरचेंज स्टेशन बन रहा है। यह स्टेशन रिटेल, कार्यालय और पार्किंग जैसी सुविधाओं के साथ शहर के कई प्रमुख कॉरिडोर को जोड़कर परिवहन को सहज बनाएगा।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- कोयंबेडु में चार-स्तरीय मेट्रो स्टेशन बन रहा है।
- फेज II और फेज III नेटवर्क के साथ बेहतर कनेक्टिविटी होगी।
- स्टेशन में रिटेल, कार्यालय और पार्किंग जैसी सुविधाएँ शामिल होंगी।
चेन्नई मेट्रो रेल की पहली लाइन 2015 में कोयंबेडु‑अलंदुर के बीच 45 किमी की फेज I के साथ चालू हुई थी, जिससे इस इलाके को शहर के प्रमुख सार्वजनिक‑परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की नींव रखी गई। अब फेज II (118.9 किमी) और फेज III के विस्तार के साथ कोयंबेडु फिर से शहर के हब के रूप में उभर रहा है।
फेज II में चार‑स्तरीय स्टेशनों का डिजाइन
चेंनाई मेट्रो रेल लिमिटेड (CMRL) के अनुसार, फेज II के तहत कोयंबेडु के पास एक नया चार‑स्तरीय स्टेशन बन रहा है, जो मौजूदा फेज I स्टेशन के बगल में स्थित होगा। इस नई संरचना में स्ट्रीट लेवल पर प्रवेश‑निकास और पार्किंग, पहले‑दूसरे स्तरों पर रिटेल व कॉ‑वर्किंग स्पेस, तीसरे स्तर पर टिकेटिंग काउंटर और चौथे स्तर पर प्लेटफ़ॉर्म होंगे।
भविष्य के फेज III नेटवर्क से जुड़ाव
डायरेक्टर (प्रोजेक्ट्स) टी. आर्चुनन ने बताया कि टिकेटिंग लेवल पर ही कोयंबेडु‑अवाड़ी‑पट्टाबीराम कॉरिडोर को जोड़ने की योजना पहले से ही डिजाइन में शामिल है। इसी तरह फेज II और फेज III के बीच भी एक पैदल पुल के माध्यम से सहज कनेक्शन बनाया जाएगा, जिससे यात्रियों को प्लेटफ़ॉर्म बदलने में कोई बाधा न हो।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
इस इंटरचेंज स्टेशन के निर्माण से न केवल यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में रिटेल, ऑफिस और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नई संभावनाएँ भी उत्पन्न होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बड़े पैमाने के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से स्थानीय रोजगार में वृद्धि और रियल एस्टेट कीमतों में स्थायी उछाल देखी जा सकती है।
पर्यटन और पर्यावरणीय लाभ
बेहतर सार्वजनिक‑परिवहन विकल्पों के कारण निजी वाहन उपयोग घटेगा, जिससे ट्रैफ़िक जाम और वायु प्रदूषण दोनों में कमी आएगी। दीर्घकालिक रूप से यह परियोजना चेन्नई को भारत के प्रमुख स्मार्ट‑सिटी मॉडल में स्थान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी।