केरल राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) ने कोझिकोड नगर निगम की आवारा कुत्तों के शेल्टर बनाने की समस्या को देखते हुए मुख्य सचिव को unused सरकारी जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

मुख्य बातें

  • SHRC ने मुख्य सचिव को राजस्व और लोक निर्माण विभाग की खाली जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
  • कोझिकोड निगम के पास आवारा कुत्तों के लिए पर्याप्त जमीन का अभाव है।
  • फरवरी 2026 के सर्वेक्षण में शहर में 28,510 आवारा कुत्तों की मौजूदगी दर्ज की गई थी।
  • आयोग ने पशु जन्म नियंत्रण और टीकाकरण के अलावा स्थायी शेल्टर बनाने पर जोर दिया।

कोझिकोड में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम उठाया गया है। केरल राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) ने मुख्य सचिव बिश्वनाथ सिन्हा को निर्देश दिया है कि वे राजस्व और लोक निर्माण विभाग के नियंत्रण वाली खाली जमीन को स्थानीय निकायों को आवारा कुत्तों के शेल्टर बनाने के लिए उपलब्ध कराएं।

यह निर्देश कोझिकोड नगर निगम के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, जो लंबे समय से उपयुक्त भूमि की तलाश में संघर्ष कर रहा है। निगम ने बताया कि फरवरी 2026 में किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, निगम सीमा के भीतर लगभग 28,510 आवारा कुत्ते मौजूद हैं। जमीन की कमी के कारण निगम अब तक आक्रामक कुत्तों को स्थानांतरित करने के लिए शेल्टर बनाने में असमर्थ रहा है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह निर्णय?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि केवल टीकाकरण और जन्म नियंत्रण कार्यक्रम आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकते। SHRC ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय निकायों को पशु कल्याण समूहों के सहयोग से अच्छी तरह से सुसज्जित शेल्टर बनाने चाहिए। आयोग ने इसके लिए विशेष फंड और 'विशेष सेस' (Special Cess) लगाने की संभावना पर भी विचार करने को कहा है।

स्थायी शेल्टर और समर्पित बजट के बिना आवारा कुत्तों का प्रबंधन केवल एक अस्थायी उपाय बनकर रह जाएगा।

नगर निगम ने अब व्यक्तियों और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) से भी रुचि व्यक्त करने के लिए कहा है, जो शहर की सीमाओं के भीतर शेल्टर स्थापित और संचालित करने के इच्छुक हैं। निगम इस परियोजना को पायलट आधार पर कई छोटे शेल्टरों के माध्यम से लागू करने की योजना बना रहा है, जिनमें से प्रत्येक में कम से कम 10 कुत्तों को रखा जा सकेगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत के शहरी क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की समस्या दशकों से एक चुनौती बनी हुई है। कोझिकोड जैसे घने आबादी वाले क्षेत्रों में, कुत्तों के बढ़ते झुंड और रेबीज का खतरा सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर संकट पैदा करता है, जिससे निपटने के लिए बुनियादी ढांचे और भूमि की आवश्यकता अनिवार्य हो जाती है।

क्या आप जानते हैं?: आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए केवल 'एनिमल बर्थ कंट्रोल' (ABC) कार्यक्रम ही काफी नहीं है, बल्कि उनके रहने के लिए सुरक्षित स्थान भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: SHRC ने क्या निर्देश दिया है?
उत्तर: SHRC ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे स्थानीय निकायों को आवारा कुत्तों के शेल्टर के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध कराएं।

प्रश्न 2: कोझिकोड में कितने आवारा कुत्ते दर्ज किए गए हैं?
उत्तर: फरवरी 2026 के सर्वेक्षण के अनुसार, कोझिकोड निगम क्षेत्र में 28,510 आवारा कुत्ते पाए गए हैं।