धमाल 4 के रिलीज़ से पहले जावेद जाफ़री ने बताया कि मूल धमाल को गलत तरीके से प्रमोट किया गया था, जिससे वह शुरुआती बॉक्स‑ऑफ़ में ठहर गया। समय के साथ यह फ़िल्म एक कल्ट बन गई और भारतीय फ़िल्म फ्रैंचाइज़ की नींव रखी।
जावेद जाफ़री, जो धमाल श्रृंखला में हमेशा से 'मनव' की भूमिका निभाते आ रहे हैं, ने धमाल 4 के प्रमोशन के दौरान एक दिलचस्प बयान दिया। उन्होंने कहा कि पहली धमाल को गलत दर्शकों को टार्गेट करने के कारण मार्केटिंग में गड़बड़ी हुई, जबकि फिल्म अपनी अनोखी कॉमेडी शैली में पहले से ही अग्रणी थी।
पहली धमाल का सफ़र: औसत बॉक्स‑ऑफ़ से कल्ट तक
1999 में रिलीज़ हुई धमाल को शुरुआती दर्शकों ने मध्यम स्तर पर स्वीकार किया। बॉक्स‑ऑफ़ के आंकड़े ‘सही’ नहीं थे, परंतु फिल्म की अनोखी हास्य‑प्रस्तुति और ‘डेड‑पैन’ कॉमेडी ने धीरे‑धीरे एक समर्पित फैन बेस तैयार किया। जाफ़री ने बताया कि टीम ने कभी इस फ़िल्म को फ्रैंचाइज़ की रूपरेखा नहीं समझा; यह केवल एक ‘वन‑ऑफ़’ मज़ाकिया प्रोजेक्ट था।
फ्रैंचाइज़ की विकास यात्रा
दूसरी और तीसरी कड़ी में संजय दत्त, मधुरी दीक्षित, अनिल कपूर और अजय देवगन जैसे बड़े सितारे जुड़े, जिससे फ़िल्म की पैमाना बढ़ा। जाफ़री ने कहा, “संजय मिश्रा भी अपने किरदार बदलते रहे, पर रितेश, अर्शद और मैं हमेशा वही रहे।” इस स्थिर कास्ट ने दर्शकों को परिचितता दी, जबकि नई हस्तियों ने नई ऊर्जा जोड़ दी।
भारत में फ्रैंचाइज़ का उदय
जाफ़री के अनुसार, 2010 के बाद भारतीय फ़िल्म उद्योग में फ्रैंचाइज़ मॉडल का प्रचलन बढ़ा। वे बताते हैं, “पहले हम फ़िल्म को एक बार बनाते थे, अब प्रोडक्शन हाउस इस बात को ध्यान में रखकर काम करते हैं कि वह कई सीज़न या पार्ट्स में विकसित हो सके।” वे इस बदलाव को वेब‑सीरीज़ के लेखकों की दीर्घकालिक कहानी‑निर्माण की प्रवृत्ति से जोड़ते हैं, जो अब फ़िल्मों में भी अपनाई जा रही है।
गलत मार्केटिंग: एक सीख
जाफ़री ने मार्केटिंग के उदाहरण के रूप में “नाइकी जूते को निरमा की तरह बेचने” की तुलना की। उन्होंने कहा कि धमाल में नायिकाओं की अनुपस्थिति, केवल एक क्लाइमेक्स गीत, और अनोखी कॉमेडी शैली को सही तरीके से नहीं पेश किया गया। इस कारण शुरुआती दर्शकों ने फ़िल्म को समझने में कठिनाई महसूस की।
धमाल 4 की उम्मीदें और जावेद का दृष्टिकोण
धमाल 4 18 जुलाई को रिलीज़ होने वाला है। जाफ़री ने कहा, “मैं कभी नर्वस नहीं होता; हमने अपना सर्वश्रेष्ठ किया है, अब दर्शकों पर निर्भर है।” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह फ़िल्म केवल एक ‘एन्सेम्बल कॉमेडी’ है, जहाँ अजय देवगन प्रमुख नाम है, परन्तु पूरी टीम का योगदान ही इसकी ताकत है। आज की हिंसक सामाजिक माहौल में इस तरह की हल्की‑फुल्की कॉमेडी दर्शकों को तनाव‑मुक्त करने का काम करती है।