नेटफ्लिक्स ने भारत में दस साल पूरे कर लिए हैं और टेड सारैंडोस ने कहा कि सफलता के लिए कंटेंट को क्लासी और मैसी दोनों होना चाहिए। उन्होंने स्टार पावर की अहमियत पर ज़ोर दिया, यह दर्शाते हुए कि सही भूमिका में ही सितारे प्रोजेक्ट की सफलता तय करते हैं।
मुख्य बिंदु
- नेटफ्लिक्स ने भारत में 10 साल पूरे कर लिये
- क्लासी और मैसी दोनों प्रकार के कंटेंट की जरूरत
- स्टार पावर प्रोजेक्ट की सफलता में अहम
नेटफ्लिक्स का भारतीय सफर
अभिव्यक्ति अड्डा में टेड सारैंडोस ने बताया कि कैसे नेटफ्लिक्स ने सैक्रेड गेम्स जैसी प्रीमियम ओरिजिनल से शुरुआत कर विभिन्न शैलियों में विस्तार किया है, जिसमें ट्रू‑क्राइम डॉक्यूमेंट्री, रियलिटी शो (लॉक अप), कॉमेडी (द ग्रेट इंडियन कपिल शो) और मूल फ़िल्में शामिल हैं।
क्लासी और मैसी का संतुलन
सारैंडोस ने कहा, “अगर आप दुनिया को मनोरंजन देना चाहते हैं, तो हर किसी के लिए कुछ न कुछ होना चाहिए। ग्राहक क्लासी और मैसी दोनों विकल्पों को समान रूप से पसंद करते हैं, इसलिए हमें दोनों को सेवा देना होगा।” उन्होंने बताया कि नेटफ्लिक्स का कंटेंट पोर्टफोलियो हमेशा विस्तारित होता रहा, न कि एक शैली से दूसरे में शिफ्ट किया गया।
उदाहरण: लॉक अप और मुसाफ़िर कैफ़े
वर्तमान भारतीय कैटलॉग के दो शो – लॉक अप और मुसाफ़िर कैफ़े – इस संतुलन को दर्शाते हैं। लॉक अप को “क्लासी” नहीं माना जाता, पर सारैंडोस ने हँसते हुए कहा, “मुझे लगता है यह काफी क्लासी है।” वहीं मुसाफ़िर कैफ़े एक सुंदर प्रेम कहानी है, जो उच्च‑गुणवत्ता वाले दृश्य प्रदान करता है। दोनों शो एक साथ बड़े दर्शकों को आकर्षित करते हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that Netflix’s dual‑strategy of catering to both mass‑market and premium audiences positions it uniquely against competitors like Amazon Prime and Disney+, especially in a price‑sensitive yet aspirational market like India.
“स्टार पावर केवल आकर्षण नहीं, बल्कि दर्शकों की उम्मीदों को सही भूमिका में पूरा करने की कुंजी है।” – मीडिया रणनीति विशेषज्ञ, अंजलि शर्मा
Frequently Asked Questions
- क्या नेटफ्लिक्स का भविष्य केवल हाई‑बजेट प्रोजेक्ट्स पर निर्भर करेगा?
- स्टार पावर के बिना कौन से प्रकार के कंटेंट भारतीय दर्शकों को आकर्षित कर सकते हैं?