प्रसिद्ध उपन्यासकार विवेक शानभाग ने 'हाइफ़न' नामक एक नए साहित्यिक जर्नल की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं के साहित्य को अंग्रेजी में अनुवादित कर वैश्विक मंच पर लाना है।

मुख्य बातें

  • 'हाइफ़न' एक नया साहित्यिक जर्नल है जो भारतीय भाषाओं से अंग्रेजी में अनुवाद पर केंद्रित है।
  • इसका उद्देश्य भारत की भाषाई विविधता और बहुभाषी विरासत का जश्न मनाना है।
  • यह जर्नल प्रिंट, डिजिटल और एक समर्पित पब्लिशिंग विंग के माध्यम से उपलब्ध होगा।
  • इसका उद्देश्य वैश्विक पाठकों को भारतीय लेखकों से परिचित कराना है।

प्रसिद्ध लेखक और उपन्यासकार विवेक शानभाग ने अपने नए प्रोजेक्ट 'हाइफ़न' (Hyphen) के माध्यम से भारत के भाषाई अंतराल को पाटने का बीड़ा उठाया है। लगभग 20 वर्षों के विचार और मंथन के बाद, यह साहित्यिक जर्नल भारतीय भाषाओं के समृद्ध साहित्य को अंग्रेजी पाठकों तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

शानभाग का मानना है कि भारतीय पाठकों के पास विदेशी लेखकों तक तो पहुंच है, लेकिन अपने ही देश के पड़ोसी राज्यों के लेखकों के बारे में जानकारी बहुत कम है। 'हाइफ़न' इसी कमी को दूर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह पहल बहुवचना प्रकाशन के माध्यम से संचालित की जा रही है और इसका उद्देश्य भारत की विविध भाषाई परंपराओं को दुनिया के सामने लाना है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कारों में भारतीय साहित्य की बढ़ती सफलता (जैसे गीतांजलि श्री की 'टॉम्ब ऑफ सैंड') ने वैश्विक स्तर पर भारतीय लेखन के प्रति उत्सुकता बढ़ाई है। ऐसे में 'हाइफ़न' जैसे मंच न केवल लेखकों को पहचान दिलाएंगे, बल्कि अनुवाद की कला को भी एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।

'हाइफ़न' का नाम विद्वान ए.के. रामानुजन को एक श्रद्धांजलि है, जो दो अलग-अलग संस्कृतियों को जोड़ने का प्रतीक है।

दीपिका गणेश के मुख्य संपादक के रूप में नेतृत्व के साथ, यह जर्नल तीन स्तंभों पर आधारित होगा: एक साहित्यिक जर्नल, एक पब्लिशिंग विंग, और अनुवाद संसाधनों के लिए एक ऑनलाइन स्थान। इसके अलावा, इसमें फेलोशिप, मेंटरशिप प्रोग्राम और बुक क्लब जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में अनुवाद का इतिहास बहुत पुराना है, लेकिन क्षेत्रीय भाषाओं के बीच का संवाद अक्सर सीमित रहा है। विवेक शानभाग ने अपने कन्नड़ पत्रिका 'देश का काल' के अनुभव का उपयोग करते हुए इस चुनौती को स्वीकार किया है, ताकि भारतीय साहित्य को केवल एक भाषा तक सीमित न रखकर एक वैश्विक पहचान दी जा सके।

क्या आप जानते हैं?: 'हाइफ़न' शब्द को प्रसिद्ध विद्वान ए.के. रामानुजन के 'इंडो-अमेरिकन' शब्द के संदर्भ से लिया गया है, जो दो पहचानों को जोड़ता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. 'हाइफ़न' का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं के उत्कृष्ट साहित्य को अंग्रेजी में अनुवादित कर वैश्विक पाठकों तक पहुँचाना है।

2. पहले अंक में किस भाषा पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा?
जर्नल के प्रत्येक अंक में एक विशिष्ट साहित्यिक परंपरा पर ध्यान दिया जाएगा, जिसकी शुरुआत मराठी साहित्य से होगी।