अमेरिका की आर्थिक विकास दर दूसरी तिमाही में घटकर 1.5% रह गई है, जिसका मुख्य कारण बढ़ता व्यापार घाटा और ईंधन की बढ़ती कीमतें हैं। मुद्रास्फीति के दबाव के बीच फेडरल रिजर्व की नजर अब बाजार की स्थिरता पर है।
मुख्य बातें
- अमेरिका की जीडीपी विकास दर पहली तिमाही के 2.1% से घटकर 1.5% रह गई।
- ईंधन की कीमतों में वृद्धि और व्यापार घाटे ने आर्थिक विकास को धीमा किया।
- मुद्रास्फीति मापने वाला PCE इंडेक्स जून में 3.7% पर रहा।
- AI क्षेत्र में निवेश बढ़ रहा है, लेकिन इसकी स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका की आर्थिक वृद्धि में दूसरी तिमाही के दौरान सुस्ती देखी गई है। वाणिज्य विभाग के आर्थिक विश्लेषण ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से जून के बीच अमेरिकी सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में केवल 1.5% की वृद्धि हुई, जो पहली तिमाही के 2.1% के मुकाबले काफी कम है। इस गिरावट के पीछे बढ़ते व्यापार घाटे और ईरान के साथ तनाव के कारण वैश्विक ईंधन कीमतों में उछाल को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
ईंधन की बढ़ती कीमतें और उपभोक्ता खर्च
उपभोक्ता खर्च में 3.2% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका एक हिस्सा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट' से मिले टैक्स रिफंड से प्रेरित था। हालांकि, पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने आम जनता की जेब पर दबाव डाला है। अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (AAA) के अनुसार, पेट्रोल की औसत कीमत बढ़कर $4.09 प्रति गैलन हो गई है।
BozokMedia विश्लेषण: क्यों महत्वपूर्ण है यह गिरावट?
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था वर्तमान में एक जटिल दौर से गुजर रही है जहाँ एक ओर तकनीकी निवेश (विशेषकर AI) विकास को गति दे रहा है, वहीं दूसरी ओर आयात पर निर्भरता व्यापार घाटे को बढ़ा रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भारी निवेश डेटा सेंटरों के माध्यम से विकास तो ला रहा है, लेकिन इसकी दीर्घकालिक स्थिरता संदिग्ध है।
डेटा सेंटर निवेश और आर्थिक विकास को संचालित कर रहे हैं, लेकिन यह क्षेत्र अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका बढ़ाते हुए इसकी स्थिरता पर सवाल भी खड़े कर रहा है।
मुद्रास्फीति के मोर्चे पर, फेडरल रिजर्व के लिए महत्वपूर्ण PCE इंडेक्स जून में वार्षिक आधार पर 3.7% बढ़ा। हालांकि यह मई के 4.1% से कम है, लेकिन कीमतें अभी भी उच्च स्तर पर बनी हुई हैं।
Frequently Asked Questions
1. अमेरिका की जीडीपी विकास दर में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारणों में बढ़ता व्यापार घाटा, ईंधन की बढ़ती कीमतें और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव शामिल हैं।
2. फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों के बारे में क्या निर्णय लिया है?
फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 3.5-3.75 प्रतिशत पर स्थिर रखने का विकल्प चुना है।