हैदराबाद के माइलर्डेवपली पुलिस ने 35 वर्षीय व्यापारी को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के चावल और गेंहू की अवैध भंडारण व पुनः बिक्री के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके घर से चार क्विंटल चावल और चार क्विंटल गेंहू जबत में मिलाकर बरामद किए। मामला दर्ज कर आगे की जाँच जारी है।

हैदराबाद के माइलर्डेवपली पुलिस ने बुधवार को एक 35-वर्षीय व्यापारी को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अनाज को अवैध रूप से संग्रहीत करने और फिर उच्च मूल्य पर बेचने के आरोप में हिरासत में ले लिया। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी मिर अहमद अली, जो एनएस कुंता के एमसीएच कॉलोनी में रहता है, ने अपने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के कमरे में बड़ी मात्रा में पीडीएस अनाज छुपाया था।

पुलिस ने किया तफ्तीश

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने 8 जुलाई को इस परिसर पर छापेमारी की और कई थैलों में बँधे हुए चावल व गेंहू के बैग पाए। कुल चार क्विंटल चावल और चार क्विंटल गेंहू की मात्रा बरामद की गई, जो सरकार द्वारा वितरित किए जाने वाले सामान्य रेशन से कई गुना अधिक थी। आरोपियों की पूछताछ में मिर अहमद अली ने स्वीकार किया कि वह विभिन्न कॉलोनी के निवासियों से कम कीमत पर पीडीएस अनाज खरीदता था और इसे लाभ के लिए बाजार में ऊँची कीमत पर बेचता था।

क़ानूनी कार्रवाई और आगे की जाँच

पुलिस ने इस मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कर दी है और अब इस पर विस्तृत जाँच जारी है। बरामद किए गए अनाज को प्रमाणित करने के बाद उन्हें संबंधित विभागों को सौंप दिया गया है, जहाँ उन्हें उचित प्रक्रिया के तहत निपटाया जाएगा। साथ ही, पीडीएस अनाज के दुरुपयोग को रोकने के लिये इस तरह के घोटालों की सख्त निगरानी की घोषणा की गई है।

पीडीएस प्रणाली की पृष्ठभूमि

भारत का सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) अभावग्रस्त वर्गों को सस्ती दरों पर अनाज उपलब्ध कराता है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस प्रणाली में भ्रष्टाचार और काला बाजार में अनाज की बिक्री जैसी समस्याएँ उजागर हुई हैं। इस तरह के मामलों से न केवल सरकार की भरोसेमंदता प्रभावित होती है, बल्कि गरीब नागरिकों की भोजन सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है।

भविष्य के लिए संकेत

अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में पीडीएस अनाज की निगरानी को सख्त करने के लिये डिजिटल ट्रैकिंग, बारकोड स्कैनिंग और स्थानीय पुलिस के सक्रिय सहयोग को बढ़ाया जाएगा। यदि इस तरह के दंडात्मक कदम समय पर लागू किए जाएँ, तो काला बाजार में अनाज की धारा को रोकना संभव हो सकता है।