टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने जून तिमाही में $7.6 बिलियन का राजस्व दर्ज किया है। कंपनी ने पिछले चार वर्षों में अपनी सबसे बड़ी तिमाही भर्ती करते हुए कार्यबल में 9,000 से अधिक की वृद्धि की है।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने वित्त वर्ष की पहली तिमाही के अपने वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं, जो वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच एक मिश्रित तस्वीर पेश करते हैं। कंपनी ने जून तिमाही के लिए $7.6 बिलियन का राजस्व दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 2.7% की वृद्धि दर्शाता है। हालांकि, निरंतर मुद्रा (constant currency) के आधार पर यह वृद्धि केवल 3.2% रही, जो वैश्विक स्तर पर तकनीकी खर्चों में सावधानी बरतने वाले माहौल की ओर इशारा करती है।

लाभप्रदता और परिचालन मार्जिन पर प्रभाव

TCS के शुद्ध लाभ में तिमाही आधार पर 2.7% की गिरावट देखी गई है। इस गिरावट का एक प्रमुख कारण DXC टेक्नोलॉजी ट्रेड सीक्रेट्स मुकदमे में अपील खारिज होने के बाद लिया गया 668 करोड़ रुपये का एकमुश्त कानूनी शुल्क है। इसके अतिरिक्त, वार्षिक वेतन वृद्धि के कारण परिचालन मार्जिन (Operating Margin) गिरकर 24% पर आ गया है। हालांकि, कंपनी के सीएफओ समीर सेक्सरिया ने आश्वस्त किया है कि यह वेतन वृद्धि का प्रभाव पहली तिमाही में ही दिखता है और आने वाले महीनों में मार्जिन वापस 25% के लक्ष्य की ओर बढ़ेगा।

कार्यबल विस्तार और AI का भविष्य

आईटी क्षेत्र में मंदी की चर्चाओं के बीच, TCS ने एक सकारात्मक कदम उठाते हुए इस तिमाही में 9,279 नए कर्मचारियों को जोड़ा है। यह पिछले लगभग चार वर्षों में कंपनी द्वारा की गई सबसे बड़ी तिमाही नेट भर्ती है, जिससे कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई है। कंपनी ने इस दौरान लगभग 14,000 कैंपस स्नातकों को भी कार्यबल में शामिल किया है।

क्या AI नौकरियों को खत्म कर देगा?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और नौकरियों पर इसके खतरे को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, TCS के सीईओ के कृतिवासन ने एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा कि AI नौकरियों को खत्म करने के बजाय उन्हें विकसित (evolve) करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में 'प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग', 'मॉडल ट्रेनिंग', 'टेस्टिंग' और 'एआई गवर्नेंस' जैसे नए और उच्च-स्तरीय डोमेन में भूमिकाएं सृजित होंगी। कंपनी का मानना है कि सही कौशल के साथ, AI मानव श्रम का विकल्प नहीं बल्कि एक सशक्त माध्यम बनेगा।