जातिया तेलुगु सरस्वथा परिसर ने अनंदा ग्रुप के अध्यक्ष उद्दराजु कासी विश्वनाधा राजू को जीवनभर सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया। दिल्ली में 28 जुलाई को आयोजित समारोह में सेवानिवृत्त अधिकारी, आध्यात्मिक गुरु और राजनैतिक नेता को भी समान सम्मान मिलेगा।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • उद्दराजु कासी विश्वनाधा राजू को जातिया तेलुगु सरस्वथा परिसर से जीवनभर सेवा पुरस्कार मिलेगा।
  • समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य केंद्रीय मंत्री उपस्थित रहेंगे।
  • पुरस्कार के साथ राजू की जलकृषि में योगदान को दर्शाती पुस्तक भी प्रकाशित हुई।

जातिया तेलुगु सरस्वथा परिसर ने अनंदा ग्रुप के संस्थापक उद्दराजु कासी विश्वनाधा राजू को जीवनभर सेवा पुरस्कार से सम्मानित करने का निर्णय लिया। यह समारोह 28 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित होगा, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सिविल एविएशन मंत्री के. राममोहन नायडू और स्टील एवं हेवी इंडस्ट्रीज के राज्य मंत्री भूपथिराजु श्रीनिवास वरमा सहित कई उच्च पदस्थ राजनेता भाग लेंगे।

समारोह की मुख्य जानकारी

पुरस्कार समारोह का आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा, जहाँ राजू के साथ दो अन्य प्रमुख व्यक्तियों को भी समान सम्मान दिया जाएगा। यह पहल समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देने के उद्देश्य से की गई है, जैसा कि पुरस्कार समिति के अध्यक्ष के. वेंकट राजु ने बताया।

उद्दराजु कासी विश्वनाधा राजू का प्रोफ़ाइल

राजू ने अंडमान-प्रायद्वीप में स्थित अनंदा ग्रुप के माध्यम से जलकृषि, प्रसंस्करण और निर्यात के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उनके नेतृत्व में कंपनी ने ग्रामीण महिलाओं के लिए 10,000 से अधिक रोजगार सृजित किए हैं, जिससे स्थानीय आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। इस उपलब्धि को उजागर करने के लिए परिसर ने एक विशेष पुस्तक भी प्रकाशित की है, जिसमें राजू की जीवनी और जलकृषि में उनकी नवाचारों का विस्तृत विवरण है।

अन्य सम्मानित व्यक्तियों की पहचान

समारोह में तीन अन्य व्यक्तियों को भी सम्मानित किया जाएगा: सेवानिवृत्त सिविल सर्विस अधिकारी सी.जे. वेनुगोपाल, आध्यात्मिक गुरु अकेल्ला विबीशना शर्मा और वरिष्ठ राजनेता एवं टीडिप नेता पिथानी सत्यनारायण। इन सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में समाज सेवा के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है, जिससे यह पुरस्कार विविधता और समावेशिता का प्रतीक बनता है।

जलकृषि एवं ग्रामीण रोजगार पर प्रभाव

राजू के प्रयासों ने केवल आर्थिक लाभ नहीं दिया, बल्कि सामाजिक परिवर्तन भी लाया। जलकृषि में सतत प्रथाओं को अपनाकर उन्होंने पर्यावरणीय संतुलन को भी बनाए रखा है। ग्रामीण महिलाओं को उच्च तकनीकी प्रशिक्षण और स्थायी आय के अवसर प्रदान करके उन्होंने सामाजिक सशक्तिकरण को गति दी है, जो भारत के विकास लक्ष्यों के साथ पूरी तरह मेल खाता है।

भविष्य की संभावनाएँ

इस सम्मान से न केवल राजू को प्रेरणा मिलेगी, बल्कि अन्य उद्यमियों को भी सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ व्यापार करने की दिशा में प्रोत्साहन मिलेगा। केंद्रीय सरकार की भागीदारी इस बात का संकेत देती है कि भविष्य में जलकृषि और ग्रामीण उद्योगों को नीति स्तर पर अधिक समर्थन मिलेगा।