दिल्ली उपभोक्ता आयोग ने अमेरिकी एक्सप्रेस के ट्रैवल पोर्टल को 30,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया क्योंकि वेबसाइट पर 12‑17 वर्ष के यात्रियों के लिए अलग श्रेणी नहीं थी, जिससे तीन बच्चों को बोर्डिंग में परेशानी हुई। यह निर्णय ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म की जिम्मेदारी को उजागर करता है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- अमेरिकन एक्सप्रेस को 30,000 रुपये का मुआवजा देना अनिवार्य किया गया
- ट्रैवल पोर्टल पर 12‑17 वर्ष के यात्रियों के लिए अलग श्रेणी न होना सेवा में कमी माना गया
- भविष्य में ऑनलाइन बुकिंग साइटें आयु‑आधारित नियमों को स्पष्ट रूप से दर्शाने के लिए जवाबदेह होंगी
दिल्ली उपभोक्ता आयोग ने 24 जून को अमेरिकी एक्सप्रेस बैंकिंग कॉर्पोरेशन (American Express Banking Corp) को 30,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। आयोग ने पाया कि कंपनी के ट्रैवल बुकिंग पोर्टल travelamericanexpress.co.in में 12 से 17 वर्ष के युवा यात्रियों के लिये अलग श्रेणी उपलब्ध नहीं थी, जिससे एक 15‑वर्षीय बच्चा को “वयस्क” के रूप में वर्गीकृत किया गया और एयरएशिया के चेक‑इन काउंटर पर बोर्डिंग से वंचित किया गया।
पृष्ठभूमि और मामला
शिकायतकर्ता गौरव गुप्ता ने दिसंबर 2018 में अपने भाई‑इन‑लॉ के साथ तीन बच्चों – आयना (9), आंया (9) और अहाना (15) – के लिये एयरएशिया की फ्लाइट बुक की। पोर्टल पर केवल “इन्फैंट”, “चाइल्ड” और “एडॉल्ट” विकल्प उपलब्ध थे, इसलिए 15‑वर्षीय बच्चे को वयस्क मानकर टिकट जारी किए गए। एयरपोर्ट पर चेक‑इन के दौरान बच्चों को बताया गया कि वे 18 वर्ष से ऊपर के वयस्क के बिना यात्रा नहीं कर सकते, जिससे पिता को अपना व्यापारिक मीटिंग रद्द कर वापस आना पड़ा।
आयोग का निर्णय
आयोग ने कहा कि एयरएशिया ने सुरक्षा नीति के तहत कोई कमी नहीं की; लेकिन अमेरिकी एक्सप्रेस की वेबसाइट में आयु‑आधारित श्रेणी का अभाव एक “सेवा में कमी” था। आयोग ने कंपनी को तीन महीनों के भीतर 30,000 रुपये का भुगतान करने तथा 6% वार्षिक ब्याज के साथ देर से भुगतान पर दंड लगने का आदेश दिया।
कानूनी और उपभोक्ता प्रभाव
यह आदेश ऑनलाइन यात्रा बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म के डिज़ाइन को नियामक निगरानी के तहत लाता है। उपभोक्ता अधिकार संगठनों का मानना है कि डिजिटल इंटरफ़ेस को यात्रियों की आयु‑आधारित नियमावली स्पष्ट रूप से दर्शानी चाहिए, अन्यथा वह उपभोक्ता को असुविधा और मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। इस प्रकार के मामलों में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (1915, 1800‑11‑4000) को संपर्क किया जा सकता है।
भविष्य की संभावनाएँ
आयोग के इस फैसले से उम्मीद है कि सभी प्रमुख ट्रैवल पोर्टल अपने बुकिंग फ़ॉर्म को पुनः डिज़ाइन करेंगे, जिससे 12‑17 वर्ष के “युवा यात्रियों” के लिये विशेष वर्गीकरण जोड़ना अनिवार्य हो जाएगा। यह न केवल उपभोक्ता संतुष्टि बढ़ाएगा, बल्कि एयरलाइन सुरक्षा मानकों के अनुपालन को भी सुदृढ़ करेगा।