मंत्रालय की नई सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) के अनुसार 2025‑26 में 'आवास व भोजन' उप‑क्षेत्र ने 35% की तीव्र वार्षिक वृद्धि दर्ज की, जबकि रेल और हवाई परिवहन में गिरावट देखी गई। यह डेटा भारत की आधिकारिक सेवा‑आधारित अर्थव्यवस्था को मापने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- ‘आवास व भोजन’ उप‑क्षेत्र ने 35% वार्षिक वृद्धि दर्ज की
- रेल परिवहन में 0.4% गिरावट, हवाई परिवहन में 13.9% संकुचन
- MoSPI का नया इंडेक्स सेवा क्षेत्र की मासिक माप को आधिकारिक बनाता है
भारत के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने 14 जुलाई को नई सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) जारी की, जो पहली बार सेवा‑क्षेत्र की मासिक वृद्धि को औपचारिक रूप से मापती है। इस प्रयोगात्मक डेटा के अनुसार 2025‑26 में ‘आवास व भोजन’ उप‑क्षेत्र ने 35% से अधिक वार्षिक वृद्धि दर्ज की, जो देश के सेवाओं‑आधारित आर्थिक ढांचे में सबसे तेज़ गति से बढ़ता हिस्सा है।
पृष्ठभूमि और डेटा की महत्ता
ISP, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) का सेवा‑क्षेत्र समकक्ष है, जो अब तक केवल निजी संस्थानों के सर्विसेज़ PMI तक सीमित था। GST और प्रशासनिक डेटा का उपयोग करके, MoSPI ने 19 उप‑क्षेत्रों में से 14 को दो अंकों की वृद्धि के साथ दिखाया, जबकि केवल दो ही नकारात्मक वृद्धि दिखा। इस नई पद्धति से कंपनियों पर अतिरिक्त सर्वेक्षण बोझ नहीं पड़ता, क्योंकि सभी आँकड़े पहले से उपलब्ध डेटा से निकाले जाते हैं।
उप‑क्षेत्रों का विस्तृत विश्लेषण
‘आवास व भोजन’ के अलावा, अन्य प्रमुख उप‑क्षेत्रों में थोक व खुदरा व्यापार, मरम्मत सेवाएं, सड़क एवं जल परिवहन, वेयरहाउसिंग, दूरसंचार, सूचना‑प्रसारण, बैंकिंग, बीमा, रियल एस्टेट, आईटी एवं कंप्यूटर सेवाएं, तथा पेशेवर‑वैज्ञानिक‑तकनीकी सेवाएं शामिल हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा अभी भी ISP में सम्मिलित नहीं हैं क्योंकि वे GST से मुक्त हैं, पर MoSPI इन क्षेत्रों के लिए भविष्य में डेटा एकत्र करने की तैयारी कर रहा है।
रेल और हवाई परिवहन में गिरावट
रेल परिवहन की सेवाएं पिछले वर्ष 2.5% की औसत वृद्धि के बाद अप्रैल में 0.4% घट गईं। हवाई परिवहन ने 2025‑26 में 4.4% मासिक औसत वृद्धि दिखाई, परन्तु अप्रैल में 13.9% संकुचन का सामना किया, जो पश्चिमी एशिया में चल रहे संघर्ष और ईंधन कीमतों में वृद्धि के कारण एयरफ़ेयर में तेज़ी से बढ़ोतरी से जुड़ा है।
भविष्य की दिशा
जैसे‑जैसे ISP डेटा परिपक्व होगा, यह भारत की सेवा‑आधारित अर्थव्यवस्था की वास्तविक गति को उजागर करेगा, जिससे नीति‑निर्माताओं को अधिक सटीक निर्णय लेने में मदद मिलेगी। वर्तमान में, सार्वजनिक प्रशासन, रक्षा, RBI जैसी कोर सरकारी गतिविधियां तथा अनौपचारिक क्षेत्र लगभग 30% सेवाओं में से बाहर हैं, परन्तु उनका प्रभाव अगले चरण में विस्तारित किया जा सकता है।