उत्तर प्रदेश सरकार ने औद्योगिक विस्तार के साथ‑साथ कुशल श्रमिक विकास, सामाजिक सुरक्षा और पारंपरिक कारीगरों के लिए नई पहलें शुरू की हैं। यह कदम राज्य के 96 लाख MSME इकाइयों में रोजगार की स्थिरता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगा।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • कौशल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा पर केंद्रित नई नीतियाँ
  • लेदर, पीतल और खेल सामान जैसे पारंपरिक क्लस्टरों को ब्रांडिंग व तकनीकी सहायता
  • औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और PMKVY के माध्यम से युवा शक्ति का MSME में समावेश

उत्तर प्रदेश ने हाल ही में अपनी औद्योगिक नींव को मजबूत करने के साथ‑साथ श्रमिक विकास को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने माइक्रो, छोटे और मध्यम उद्यमों (MSME) के समर्थन में नई नीतियों को लागू किया है, जिससे लाखों कर्मचारियों को कौशल प्रशिक्षण, औपचारिक रोजगार, और सामाजिक सुरक्षा कवरेज मिलने की उम्मीद है।

औद्योगिक क्लस्टरों का पुनर्जागरण

कानपुर का लेदर उद्योग, जो राज्य के सबसे बड़े उत्पादन केंद्रों में से एक है, अब प्रशिक्षण कार्यक्रम, स्वास्थ्य बीमा और डिजिटल उधोग कार्ड के माध्यम से कर्मचारियों को बेहतर福利 प्रदान करने के प्रयासों का लाभ उठा रहा है। इसी तरह मोरादाबाद की पीतल वस्तु और मेरठ के खेल सामान उद्योग को 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) और राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद के तहत ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिज़ाइन उन्नति के लिए समर्थन मिला है।

कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा

राज्य की श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन और फैक्ट्री अधिनियम के तहत सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही, सरकार ने माइग्रेंट वर्कर पोर्टल, गिग वर्कर नीतियों और बीमा‑पेंशन योजना के माध्यम से अनौपचारिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के तहत लाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

युवा शक्ति का MSME में प्रवेश

इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (ITI) और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) से प्रशिक्षित युवाओं को मशीन ऑपरेटर, फिट्टर और तकनीशियन के रूप में MSME में काम करने के अवसर मिल रहे हैं। यह न केवल उद्योग की कुशलता को बढ़ाता है, बल्कि रोजगार की स्थिरता भी सुनिश्चित करता है।

भविष्य की संभावनाएँ

इन उपायों से उत्तर प्रदेश की उत्पादन प्रतिस्पर्धा में सुधार, निवेश आकर्षण और दीर्घकालिक रोजगार सृजन की आशा है। जब कौशल, कल्याण और औपचारिकता एक साथ मिलती है, तो राज्य की औद्योगिक परिपक्वता नई ऊँचाइयों को छू सकती है।