एक एमटेक अंतिम वर्ष के छात्र ने बेंगलुरु में एक निजी भर्ती फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाया। पुलिस ने कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज कर तीन साल से चल रहे इस घोटाले की जांच शुरू की।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- तीन साल से चल रहा भर्ती घोटाला
- कई उम्मीदवारों ने शुल्क भुगतान किया, लेकिन कोई नौकरी नहीं मिली
- पुलिस ने कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज की और जांच शुरू की
बेंगलुरु में एक एमटेक अंतिम वर्ष के छात्र, प्रभु देव जी, ने 3 जुलाई को एक निजी भर्ती फर्म के प्रतिनिधि से संपर्क होने के बाद धोखाधड़ी का आरोप लगाया। फर्म ने उन्हें और कई अन्य नौकरी चाहने वालों को प्रमुख कंपनियों में मैकेनिकल डिजाइन इंजीनियर की vacancies के लिये भुगतान करने को कहा।
भर्ती घोटाले की कार्यविधि
फर्म ने एक महिला को अपना प्रतिनिधि बताकर WhatsApp पर एक Google Form और PDF भेजा, जिसमें उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा के लिए ₹1,000‑₹2,000 का शुल्क जमा करने को कहा गया। प्रभु देव ने QR कोड स्कैन कर ₹2,000 का भुगतान किया और 15‑20 अन्य अभ्यर्थियों के साथ परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा में असफल होने पर उन्हें 11 जुलाई को एक और टेस्ट देकर फिर से पैसा देने का वादा किया गया।
धोखाधड़ी का खुलासा
जब अभ्यर्थी 11 जुलाई को फर्म के कार्यालय पहुँचे, तो निदेशक पवन गोपाल ने बताया कि कोई परीक्षा नहीं होगी और नौकरी नहीं दी जा सकेगी। जब छात्र ने अपना भुगतान वापस माँगा, तो फर्म ने पैसे लौटाने से इनकार कर उन्हें धमकी दी। प्रभु देव के अलावा राम्या, शिल्पा, वंदिता, वेदा आदि सहित 10 से अधिक उम्मीदवारों ने समान अनुभव बताया।
पुलिस की कार्रवाई
हैदराबाद पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर FIR दर्ज किया और कंपनी के खिलाफ लगभग तीन साल से चल रहे इस घोटाले की व्यापक जांच शुरू कर दी। FIR में कंपनी के गलत प्रथाओं, झूठे वादों और धन की अवैध माँग का उल्लेख किया गया है।
भर्ती धोखाधड़ी की व्यापक समस्या
भारत में भर्ती धोखाधड़ी एक बढ़ती हुई समस्या बन चुकी है, जहाँ हजारों छात्रों को नकली विज्ञापनों, अग्रिम शुल्क और झूठे वादों से ठगा जा रहा है। इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि नौकरी खोजने वाले युवा को सतर्क रहना चाहिए और केवल मान्य कंपनियों के आधिकारिक पोर्टलों के माध्यम से ही आवेदन करना चाहिए। नियामक संस्थाओं को इस क्षेत्र में कड़ी निगरानी और क़ानूनी कार्रवाई तेज़ करनी चाहिए, ताकि इस प्रकार के घोटालों को रोका जा सके।