एनफ़ोर्समेंट डायरेक्टरेट ने दिल्ली में रहने वाले एबिक्स के चेयरमैन विकस गार्ग को महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी के बाद 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया गया है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • विकस गार्ग को महादेव बेटिंग ऐप मनी लाँडरिंग केस में गिरफ्तार किया गया
  • ED ने लगभग ₹940.77 करोड़ की संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया
  • जांच में कई शैल कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय धन प्रवाह का खुलासा हुआ

एनफ़ोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने शुक्रवार सुबह दिल्ली में एबिक्स के चेयरमैन विकस गार्ग को उनके आवास से ही गिरफ्तार कर लिया। उन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया गया जहाँ 24 घंटे की हिरासत की मंजूरी मिली, जिससे उन्हें छत्तीसगढ़ के रायपुर में चल रही जाँच के तहत ले जाया जाएगा।

पृष्ठभूमि

ग्यारह महीने पहले, ED ने गार्ग, उनके परिवार और उनके नियंत्रण में माने जाने वाले कई एंटिटीज़ की संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया था। यह कदम महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप, जिसे अक्सर स्कायएक्सचेंज के नाम से भी जाना जाता है, से जुड़े बड़े पैमाने के मनी लॉन्ड्रिंग संचालन को रोकने के लिए उठाया गया था।

जांच के मुख्य बिंदु

जांचकर्ताओं का कहना है कि अवैध बेटिंग से उत्पन्न आय को कई शैल कंपनियों के माध्यम से लेयर किया गया, जिससे धन को साफ़ दिखाया गया। गार्ग ने एबिक्सकैश में 64% शेयरधारिता हासिल की, जो कि एराया लाइफ़स्पेसेस लिमिटेड के माध्यम से हुई, और यह धन अवैध बेटिंग से आया माना जा रहा है।

आर्थिक प्रभाव

जिन संपत्तियों को जब्त किया गया, उनमें आवासीय प्रॉपर्टी, जमीन के टुकड़े, इक्विटी शेयर और विभिन्न सिक्योरिटीज़ शामिल हैं। कुल मिलाकर यह लगभग ₹940.77 करोड़ के बराबर है, जो भारत में ऑनलाइन जुए के खिलाफ लगातार बढ़ती कार्रवाई का संकेत देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बड़ी कार्रवाई से निवेशकों का विश्वास स्थिर रहेगा और भविष्य में ऐसी अवैध प्लेटफ़ॉर्म की वृद्धि को हतोत्साहित किया जा सकता है।

भविष्य की संभावनाएँ

जांच अभी भी जारी है, और गार्ग को अगले दिन रायपुर के PMLA कोर्ट में पेश किया जाएगा। यदि साक्ष्य मजबूत निकलते हैं, तो यह केस कई अन्य उच्च प्रोफ़ाइल व्यवसायियों के लिए एक मिसाल बन सकता है, जो संभावित रूप से समान अवैध वित्तीय नेटवर्क में शामिल हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मामले को नज़र में रखा जा रहा है, क्योंकि धन प्रवाह को विभिन्न देशों के बीच छिपाने की कोशिशों का खुलासा हुआ है।