वेस्ट एशिया में संघर्ष के बाद मार्च से कई घरों ने नई LPG कनेक्शन की प्रतीक्षा की है, जबकि ओएमसी ने अभी तक कोई नई कनेक्शन जारी नहीं की। इससे इंडक्शन स्टोव पर निर्भरता बढ़ी है, जो सभी रसोई के बर्तनों के साथ अनुकूल नहीं है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • मार्च से नई LPG कनेक्शन की मांगें अनसुलझी
  • इंडक्शन स्टोव के उपयोग में असुविधा बढ़ी
  • ओएमसी की नई कनेक्शन जारी करने की अनिच्छा से वितरकों पर दबाव

वेस्ट एशिया में संघर्ष के बाद मार्च में गैस आपूर्ति में व्यवधान आया, लेकिन अब घरेलू और वाणिज्यिक दोनों ग्राहकों को LPG की आपूर्ति सामान्य हो गई है। फिर भी, तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने नई घरेलू कनेक्शन जारी करने में देरी कर दी है, जिससे कई उपभोक्ताओं को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

उपभोक्ताओं की वास्तविक कहानी

चन्नई में रहने वाले कई नवविवाहित दंपति ने बताया कि उन्होंने मार्च में नई कनेक्शन के लिए आवेदन किया, पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। एक ग्राहक, उथनराज, ने कहा, “हम फरवरी में शादी की और मार्च में चेन्नई आए। मकान मालिक ने हमें इंडक्शन स्टोव दिया, लेकिन वह धीमा है और सभी बर्तनों के साथ काम नहीं करता। गैस एजेंसी ने छोटे सिलेंडर की सलाह दी, पर वह हमारे लिए बहुत महंगा है।”

एक अन्य दंपति ने बताया कि उनकी पत्नी इंडक्शन स्टोव से असहज हैं, क्योंकि वह बिजली पर निर्भर है। उन्होंने कहा, “हम अभी 5 kg सिलेंडर पर निर्भर हैं और अक्सर बाहर का खाना ऑर्डर करते हैं। सरकार से जल्द नई कनेक्शन जारी करने की अपील है।”

वितरकों पर दबाव और बाजार की स्थिति

वितरकों ने कहा कि वे रोज़ नए कनेक्शन के लिए आने वाले ग्राहकों की सूची बना रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई सिलेंडर नहीं मिल रहा है। कुछ OMC अधिकारियों ने उन्हें स्टोव और होज़ बेचने के लिए दबाव डाला, जबकि नई कनेक्शन नहीं दी जा रही। एक वितरक ने कहा, “यदि नई कनेक्शन जारी हों तो हम गैस स्टोव बेच सकते हैं, लेकिन वर्तमान में उपभोक्ताओं को अनावश्यक स्टोव खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।”

भविष्य के संभावित समाधान

विशेषज्ञों का मानना है कि OMC को नियामक दिशा-निर्देशों के तहत नई घरेलू कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया तेज़ करनी चाहिए। साथ ही, सरकार को उपभोक्ताओं के लिए सस्ती सिलेंडर विकल्प और इंडक्शन स्टोव के लिए अनुकूल बर्तन उपलब्ध कराने की नीति बनानी चाहिए, जिससे ऊर्जा सुरक्षा और उपभोक्ता संतुष्टि दोनों बनी रहे।