मंगलुरु रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारी मुनाफे के साथ वापसी की है। कंपनी का राजस्व लगभग दोगुना होकर ₹41,609 करोड़ पर पहुंच गया है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • MRPL ने ₹272 करोड़ के पिछले घाटे को बदलकर ₹915 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया।
  • परिचालन राजस्व पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग दोगुना होकर ₹41,609 करोड़ हो गया।
  • कंपनी ने विमानन ईंधन (ATF) पाइपलाइन के लिए महत्वपूर्ण नियामक मंजूरी प्राप्त की है।
  • सतत विमानन ईंधन (SAF) के क्षेत्र में ISCC CORSIA प्रमाणन प्राप्त कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की।

मंगलुरु रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के वित्तीय परिणामों में एक असाधारण सुधार प्रदर्शित किया है। कंपनी ने इस तिमाही में ₹915 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में दर्ज किए गए ₹272 करोड़ के घाटे के बिल्कुल विपरीत है। कंपनी के निदेशक मंडल ने 15 जुलाई को इन स्टैंडअलोन और समेकित वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी।

राजस्व और परिचालन में भारी उछाल

वित्तीय आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि MRPL का परिचालन राजस्व (Revenue from operations) पिछले वर्ष की पहली तिमाही के ₹20,989 करोड़ से लगभग दोगुना होकर ₹41,609 करोड़ पर पहुंच गया है। निर्यात के मोर्चे पर भी कंपनी ने मजबूती दिखाई है, जहां निर्यात ₹4,767 करोड़ से बढ़कर ₹5,012 करोड़ हो गया है। परिचालन क्षमता की बात करें तो, कंपनी ने इस तिमाही में 4.43 मिलियन टन कच्चे तेल और अन्य फीडस्टॉक को प्रोसेस किया, जो पिछले वर्ष के 3.52 मिलियन टन की तुलना में काफी अधिक है।

रणनीतिक विस्तार और बुनियादी ढांचा

MRPL केवल मुनाफे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने बुनियादी ढांचे के विस्तार पर भी तेजी से काम कर रहा है। कंपनी को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) से देवंगोंथी टर्मिनल से बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पाइपलाइन के लिए प्राधिकरण प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने नवी मुंबई (JNPA), काकिनाडा और कृष्णपट्टनम में टैंक स्टोरेज के लिए महत्वपूर्ण लीज समझौते भी किए हैं, जो भविष्य की मांग को पूरा करने के लिए तैयार हैं।

स्थिरता और भविष्य की राह

पर्यावरण और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, MRPL ने सतत विमानन ईंधन (SAF) की दिशा में एक मील का पत्थर स्थापित किया है। कंपनी ने उपयोग किए गए कुकिंग ऑयल के को-प्रोसेसिंग के लिए ISCC CORSIA ढांचे के तहत सफलतापूर्वक प्रमाणन प्राप्त कर लिया है। यह कदम न केवल वैश्विक मानकों के अनुरूप है, बल्कि हरित ऊर्जा के क्षेत्र में कंपनी की बढ़ती प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।