बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने निवेश की दुनिया में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने 30 से अधिक कंपनियों में निवेश किया है और 11 स्टार्टअप्स से 300% तक के शानदार रिटर्न के साथ सफल एग्जिट लिया है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- विवेक ओबेरॉय ने 30 से अधिक कंपनियों और स्टार्टअप्स में निवेश किया है।
- उन्होंने 11 निवेशों से सफल एग्जिट लिया है, जिसमें उन्हें 300% तक का रिटर्न मिला।
- उनका फैमिली ऑफिस 'इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग' और पीढ़ीगत संपत्ति (Generational Wealth) पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय को लोग मुख्य रूप से उनकी फिल्मों जैसे 'कंपनी' और 'साथिया' के लिए जानते हैं, लेकिन पर्दे के पीछे उन्होंने व्यापार और निवेश की दुनिया में एक मूक क्रांति ला दी है। हाल ही में एक साक्षात्कार में, विवेक ने अपने वित्तीय सफर का खुलासा करते हुए बताया कि वे केवल एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक बेहद सफल वेंचर कैपिटलिस्ट (VC) भी हैं। उन्होंने अब तक 30 से अधिक कंपनियों में निवेश किया है, जो उनकी गहरी व्यावसायिक समझ को दर्शाता है।
रणनीतिक निवेश और बंपर रिटर्न
विवेक ओबेरॉय ने खुलासा किया कि उनके द्वारा निवेश की गई कंपनियों में से 11 से वे पहले ही बाहर (एग्जिट) आ चुके हैं। इन एग्जिट्स से उन्हें 300 प्रतिशत तक का भारी रिटर्न मिला है। उनका निवेश पोर्टफोलियो मुख्य रूप से उनके फैमिली ऑफिस के माध्यम से प्रबंधित किया जाता है। यह ऑफिस 'इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग' (सकारात्मक सामाजिक प्रभाव वाले निवेश) और पीढ़ीगत संपत्ति के निर्माण पर केंद्रित है। विवेक का मानना है कि केवल पैसा कमाना ही काफी नहीं है, बल्कि ऐसे व्यवसायों का समर्थन करना जरूरी है जो समाज में बदलाव ला सकें।
भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में सेलिब्रिटी निवेशक
भारत में मशहूर हस्तियों द्वारा स्टार्टअप्स में निवेश करने का चलन पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट, कैटरीना कैफ और सुनील शेट्टी जैसे सितारों की तरह, विवेक ओबेरॉय ने भी केवल ब्रांड एंबेसडर बनने के बजाय एक सक्रिय निवेशक की भूमिका चुनी है। सेलिब्रिटी निवेशकों का यह कदम भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को न केवल पूंजी प्रदान करता है, बल्कि उन्हें व्यापक विश्वसनीयता और मीडिया अटेंशन भी दिलाता है।
बचपन के पाठ और भविष्य की राह
अपनी निवेश यात्रा के बारे में बात करते हुए विवेक ने बताया कि उन्होंने बचपन में ही अपने माता-पिता से पैसे की असली कीमत सीखी थी। इसी सीख ने उन्हें वित्तीय रूप से अनुशासित बनाया। आज, उनका फैमिली ऑफिस न केवल उभरते हुए उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है, बल्कि उन्हें सही मार्गदर्शन और मेंटरशिप भी देता है। विवेक का उद्देश्य भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों से आने वाले उन नवोन्मेषी विचारों को बढ़ावा देना है, जिनमें भविष्य की बड़ी कंपनियां बनने की क्षमता है।