मुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार की नई औद्योगिक व व्यापार विकास नीति का परिचय दिया, जिससे वस्त्र क्षेत्र में निवेश, रोजगार और निर्यात को तेज़ी से बढ़ावा मिलेगा। एकल विंडो और एकल पेन प्रणाली के साथ समयबद्ध अनुमोदन सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • पंजाब ने पिछले चार साल में 2 लाख करोड़ रुपये की निवेश आकर्षित की
  • नई नीति में एकल विंडो, एकल पेन और रेड कार्ड प्रणाली शामिल है
  • वस्त्र मूल्य श्रृंखला के सभी चरण राज्य में ही उपलब्ध हैं

नई दिल्ली – पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को भारत के सबसे आशाजनक वस्त्र निवेश गंतव्य के रूप में पंजाब को प्रस्तुत किया। नई दिल्ली में आयोजित भारतटेक्स 2026 के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में वस्त्र मूल्य श्रृंखला के हर चरण – कपास की खेती से लेकर निर्यात तक – एक ही राज्य में मौजूद है, जिससे निवेशकों को एकीकृत और सुदृढ़ इको‑सिस्टम मिलता है।

पृष्ठभूमि और नीति का परिचय

पंजाब सरकार ने हाल ही में औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति (IBDP) लागू की है, जिसका मुख्य उद्देश्य निवेश को आकर्षित करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और निर्यात को प्रोत्साहित करना है। इस नीति के तहत एकल विंडो और एकल पेन प्रणाली के माध्यम से सभी अनुमोदन प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे उद्यमियों को नौकरशाही की बाधाओं से मुक्त किया जा सके।

निवेश और रोजगार पर प्रभाव

पिछले चार वर्षों में पंजाब ने लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की निवेश राशि आकर्षित की और लगभग 5 लाख रोजगार सृजित किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वृद्धि का मुख्य कारण सरकार की उद्यमियों को साझेदार के रूप में मानने की नीति है, जिससे लाल कार्ड प्रणाली के तहत अनावश्यक निरीक्षण और उत्पीड़न समाप्त हुआ है।

उद्योग‑सरकारी सहयोग की नई दिशा

मान ने जोर दिया कि औद्योगिक विकास केवल सरकार और उद्योग के मिलेजुले प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने कहा, “पंजाब में सबसे अनुकूल उद्यमी संस्कृति, कुशल कार्यबल, एकीकृत मूल्य श्रृंखला और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति है। मैं सभी निवेशकों, नवप्रवर्तकों और वैश्विक ब्रांडों को इस विकास यात्रा में साझेदार बनने का आह्वान करता हूँ।”

भविष्य की संभावनाएँ

पंजाब में पाँच पावर प्लांट्स और 70 लाख मीट्रिक टन कोयला उपलब्ध है, जिससे ऊर्जा लागत में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलता है। राज्य ने राइट टू बिजनेस एक्ट को भी लागू किया है, जिससे भारत में आसान व्यापार करने वाले राज्यों में प्रथम स्थान मिला है। वस्त्र उद्योग के लिए यह नीतिगत माहौल न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए भी आकर्षक बन गया है।

संक्षेप में, पंजाब ने अपने उद्योग‑मित्र माहौल, नीतिगत सुधार और बुनियादी ढांचे के साथ वस्त्र क्षेत्र में एक वैश्विक हब बनने की दिशा में स्पष्ट कदम बढ़ाए हैं।