मुख्य आयकर आयुक्त वी.एस. श्रीलेखा ने मदुरै में आयकर दिवस के अवसर पर कहा कि विभाग अब केवल प्रवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह करदाताओं के लिए मित्रवत और आधुनिक तकनीक से लैस है।

मुख्य बातें

  • आयकर विभाग अब तकनीक-संचालित और करदाता-अनुकूल बन गया है।
  • वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने ₹24 लाख करोड़ का कर संग्रह किया।
  • AI और NUDGE सिद्धांत का उपयोग कर सेवाओं को बेहतर बनाया जा रहा है।
  • आयकर का भुगतान देश के विकास और सामाजिक खर्च के लिए अनिवार्य है।

मदुरै में आयोजित 167वें आयकर दिवस के समारोह के दौरान, मुख्य आयकर आयुक्त (CCIT) वी.एस. श्रीलेखा ने विभाग की बदलती कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयकर विभाग, जिसकी छवि पहले केवल प्रवर्तन (enforcement) केंद्रित मानी जाती थी, अब पूरी तरह से करदाता के अनुकूल और अत्याधुनिक तकनीक से लैस हो चुका है।

श्रीलेखा ने बताया कि देश के सामाजिक विकास और बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए करों का भुगतान करना नागरिकों का सर्वोच्च कर्तव्य है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण आंकड़ा साझा करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विभाग ने ₹24 लाख करोड़ का राजस्व एकत्र किया, जो सरकारी खजाने में कुल राजस्व का 69% हिस्सा है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि आयकर विभाग का डिजिटलीकरण और AI का समावेश न केवल कर चोरी को रोकने में मदद करेगा, बल्कि ईमानदार करदाताओं के लिए प्रक्रियाओं को सरल भी बनाएगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अध्यक्ष रवि अग्रवाल ने भी वीडियो संदेश के माध्यम से बताया कि अनुसंधान और एनालिटिक्स अब एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गए हैं।

"NUDGE सिद्धांत और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर सेवाओं को लोगों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुँचाने की क्षमता रखता है।"

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री जी. नचियार (अराविंद आई केयर सिस्टम की निदेशक) उपस्थित थीं। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा में नैतिकता और नेतृत्व के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि दृष्टिहीनता को केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि एक सामाजिक समस्या के रूप में देखा जाना चाहिए।

ऐतिहासिक संदर्भ

आयकर विभाग भारत के आर्थिक ढांचे की रीढ़ है। पिछले कुछ वर्षों में, 'डिजिटल इंडिया' अभियान के तहत आयकर विभाग ने फेसलेस असेसमेंट और प्री-फिल्ड रिटर्न जैसे नवाचारों के माध्यम से करदाताओं के अनुभव को पूरी तरह से बदल दिया है।

Did You Know?: आयकर विभाग अब डेटा के गैर-दखलंदाजी उपयोग (NUDGE theory) के माध्यम से करदाताओं को मार्गदर्शन प्रदान करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 में कितना राजस्व जुटाया?
विभाग ने इस अवधि में ₹24 लाख करोड़ का संग्रह किया।

2. NUDGE सिद्धांत क्या है?
यह डेटा का गैर-दखलंदाजी तरीके से उपयोग करने की एक तकनीक है ताकि करदाताओं को सही दिशा में मार्गदर्शन किया जा सके।