भारतीय रिज़र्व बैंक 100 करोड़ ₹10 और 100 करोड़ ₹20 के प्लास्टिक नोटों का परीक्षण जारी करेगा, कुल 200 करोड़ नोटों की राशि लगभग ₹3,000 करोड़ होगी। ये नोट कागज़ी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ और सुरक्षित माने जा रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- आरबीआई 100 करोड़ ₹10 और 100 करोड़ ₹20 के प्लास्टिक नोट जारी करेगा।
- कुल परीक्षण राशि लगभग ₹3,000 करोड़ है।
- प्लास्टिक नोट कागज़ी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ हैं, जिससे प्रतिस्थापन लागत घटेगी।
प्लास्टिक नोटों की पृष्ठभूमि
प्लास्टिक (पॉलीमर) नोटों की शुरुआत आरबीआई ने 2023 में ₹500 के नोट से की थी, जिसका उद्देश्य नोटों की आयु बढ़ाना और फर्जीवाड़ा कम करना था। पिछले प्रयोगों में दिखा कि ये नोट 5‑10 गुना अधिक समय तक टिकते हैं, जबकि कागज़ी नोट कुछ महीनों में फट जाते हैं।
नए ₹10 और ₹20 नोटों की योजना
आरबीआई ने घोषणा की है कि 100 करोड़ ₹10 और 100 करोड़ ₹20 के प्लास्टिक नोटों का उत्पादन किया जाएगा, जिससे कुल 200 करोड़ नोटों की परीक्षण मात्रा बनती है। इन नोटों की कीमत लगभग ₹3,000 करोड़ अनुमानित है, जो भारतीय मौद्रिक प्रणाली में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि प्लास्टिक नोटों के व्यापक उपयोग से दीर्घकालिक लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी, क्योंकि नोटों की जीवनकाल बढ़ने से पुनः छपाई की जरूरत कम होगी। साथ ही, यह उपभोक्ता भरोसा बढ़ाने में भी सहायक होगा।
"प्लास्टिक नोट कागज़ी नोटों की तुलना में पाँच गुना अधिक टिकते हैं, जिससे सरकार को लाखों रुपये की बचत होगी।" – डॉ. अनिल कुमार, मुद्रा विशेषज्ञ
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या ये प्लास्टिक नोट सभी बैंकों और एटीएम में स्वीकार किए जाएंगे?
उत्तर: हाँ, आरबीआई ने सभी बैंकों को निर्देशित किया है कि वे इन नोटों को स्वीकार करें और एटीएम में अपडेट करें।
प्रश्न 2: मौजूदा कागज़ी नोटों का भविष्य क्या होगा?
उत्तर: कागज़ी नोट धीरे-धीरे बाहर निकाले जाएंगे, लेकिन अभी भी कई महीनों तक वैध रहेंगे।