कर्नाटक सरकार ने पीएम कुसुम-बी योजना के तहत 27,700 सौर पंप स्थापित कर बिजली सब्सिडी और खरीद लागत में भारी कटौती की है। इससे राज्य को सालाना ₹200 करोड़ का फायदा होने का अनुमान है।

मुख्य बातें

  • 27,700 से अधिक सौर पंप सेट सफलतापूर्वक स्थापित किए गए।
  • राज्य को सालाना ₹200 करोड़ की बचत होने का अनुमान है।
  • बिजली ग्रिड की मांग में 144 मेगावाट की कमी आई है।
  • सरकार और केंद्र मिलकर 80% तक वित्तीय सहायता प्रदान कर रहे हैं।

कर्नाटक के ऊर्जा विभाग ने एक बड़ी उपलब्धि की घोषणा की है। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM KUSUM-B) योजना के तहत राज्य में 27,700 से अधिक स्टैंडअलोन सौर-ऊर्जा संचालित कृषि पंप सेट स्थापित किए जा चुके हैं। इस कदम से न केवल किसानों को सशक्त बनाया गया है, बल्कि राज्य के बिजली क्षेत्र को भी जबरदस्त राहत मिली है।

इस पहल के परिणामस्वरूप, राज्य को कृषि पंप सेटों के लिए दी जाने वाली बिजली सब्सिडी में कमी लाकर सालाना लगभग ₹200 करोड़ की बचत होने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, ये पंप सेट हर साल 240 मिलियन यूनिट बिजली की खरीद को रोकने में मदद करेंगे, जिससे बिजली वितरण कंपनियों (Escoms) को सालाना ₹146 करोड़ की प्रत्यक्ष बचत होगी।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह परिवर्तन केवल ऊर्जा के स्रोत को बदलने के बारे में नहीं है, बल्कि यह राज्य के वित्तीय स्वास्थ्य को सुधारने की एक रणनीतिक चाल है। ग्रिड से मांग में 144 मेगावाट की कमी आना ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से एक मील का पत्थर है।

प्रत्येक स्थापित सौर पंप कर्नाटक के भविष्य में एक स्थायी निवेश है, जो सब्सिडी के बोझ को कम करता है और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करता है।

ऊर्जा और पर्यटन मंत्री के.जे. जॉर्ज ने कहा कि सरकार ने कार्यान्वयन की बाधाओं को दूर कर प्रक्रिया को सरल बनाया है। वर्तमान में, राज्य 40,000 पंप सेट स्थापित करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। योजना के तहत, वित्तीय संरचना इस प्रकार है:

सहयोग का प्रकारवित्तीय सहायता (%)
राज्य सरकार सहायता50%
केंद्र सरकार सहायता30%
किसान का योगदान20%

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: पीएम कुसुम योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को सौर ऊर्जा से जोड़कर डीजल और ग्रिड बिजली पर निर्भरता कम करना है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. पीएम कुसुम-बी योजना के तहत कितनी सब्सिडी मिलती है?
राज्य सरकार 50% और केंद्र सरकार 30% सहायता प्रदान करती है, जबकि किसान को केवल 20% हिस्सा देना होता है।

2. इस योजना का मुख्य लाभ क्या है?
यह किसानों को मुफ्त सौर ऊर्जा प्रदान करता है और राज्य के बिजली बजट पर बोझ कम करता है।

क्या आप जानते हैं?: कर्नाटक के इस सौर अभियान ने बिजली ग्रिड की मांग को 144 मेगावाट तक कम कर दिया है!