इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने अगस्त और सितंबर के अधिकांश हिस्से के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित कर ली है, जो वैश्विक आपूर्ति बाधाओं के बीच एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, कंपनी ने जून तिमाही में ₹2,661 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया है।

मुख्य बातें

  • इंडियन ऑयल ने अगस्त और सितंबर के लिए 45-50 दिनों का कच्चा तेल सुरक्षित कर लिया है।
  • जून तिमाही में कंपनी को ₹2,661 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ है।
  • वैश्विक अस्थिरता के बावजूद कंपनी ने अपनी परिचालन दक्षता में सुधार किया है।
  • LPG कीमतों को स्थिर रखने के लिए कंपनी ने भारी सब्सिडी/अंडर-रिकवरी का सामना किया है।

नई दिल्ली स्थित सरकारी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बीच अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने का दावा किया है। कंपनी के अध्यक्ष अरविंदर सिंह साहनी ने पत्रकारों को बताया कि कंपनी के पास अगस्त के पूरे महीने और सितंबर के अधिकांश हिस्से के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित है।

साहनी के अनुसार, कंपनी वर्तमान में लगभग 45 से 50 दिनों के कच्चे तेल के भंडार के साथ सुरक्षित स्थिति में है। यह कदम होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास बढ़ते तनाव और शिपिंग मार्गों में संभावित व्यवधानों को देखते हुए उठाया गया है। आपूर्ति की अनिश्चितता से निपटने के लिए, इंडियन ऑयल ने पश्चिम अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और वेनेजुएला से स्पॉट खरीद का सहारा लिया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तेल कंपनियों के लिए आपूर्ति श्रृंखला का प्रबंधन करना इस समय सबसे बड़ी चुनौती है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक संकट सीधे तौर पर घरेलू ईंधन की कीमतों और सरकारी राजकोष पर प्रभाव डालते हैं। इंडियन ऑयल द्वारा आपूर्ति सुनिश्चित करना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक राहत भरा संकेत है।

वैश्विक आपूर्ति बाधाओं के बीच रणनीतिक भंडार बनाना भारतीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो, जून तिमाही में इंडियन ऑयल ने ₹2,661 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया। हालांकि, कंपनी का कुल राजस्व पिछले वर्ष की तुलना में 26% बढ़कर ₹2.76 लाख करोड़ हो गया है। कंपनी ने अपनी रिफाइनरी दक्षता और 109.4% की क्षमता उपयोग दर का श्रेय इस घाटे को कम करने में दिया है।

कंपनी का नामतिमाही शुद्ध लाभ/हानि (करोड़ ₹ में)
इंडियन ऑयल (IOC)-2,661
हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)-12,265
भारत पेट्रोलियम (BPCL)-3,962
क्या आप जानते हैं?: इंडियन ऑयल ने वैश्विक कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए जून में प्रति सिलेंडर ₹720 की अंडर-रिकवरी का सामना किया।

Frequently Asked Questions

1. इंडियन ऑयल के पास कितने दिनों का तेल भंडार है?
कंपनी के पास अगस्त और सितंबर के अधिकांश हिस्से के लिए लगभग 45 से 50 दिनों का कच्चा तेल सुरक्षित है।

2. कंपनी को घाटा क्यों हुआ?
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कीमतों को स्थिर रखने के कारण कंपनी को घाटा हुआ है।