महाराजा को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक ने अपनी वित्तीय सफलता के बाद स्मॉल फाइनेंस बैंक का दर्जा प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। बैंक ने ₹612 करोड़ से अधिक का व्यापारिक वॉल्यूम दर्ज किया है।

मुख्य बिंदु

  • महाराजा को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक स्मॉल फाइनेंस बैंक में बदलने की योजना बना रहा है।
  • वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक का कुल व्यापार ₹612.55 करोड़ तक पहुंच गया।
  • शेयरधारकों के लिए 10% लाभांश (Dividend) की घोषणा की गई है।
  • बैंक का लक्ष्य मार्च 2027 तक ₹700 करोड़ का कारोबार करना है।

विशाखापट्टनम स्थित महाराजा को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड ने एक महत्वपूर्ण रणनीतिक विकास करते हुए स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) बनने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। बैंक की 26वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) के दौरान सदस्यों ने इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है।

संस्था के संस्थापक अध्यक्ष एम. रामकृष्ण राजू ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मजबूत आंकड़ों की घोषणा की। 31 मार्च, 2026 तक, बैंक ने ₹612.55 करोड़ का कुल व्यापारिक वॉल्यूम दर्ज किया, जिसमें ₹374.22 करोड़ की जमा राशि और ₹238.33 करोड़ का ऋण शामिल है। बैंक की शुद्ध संपत्ति (Net Worth) ₹32.28 करोड़ तक पहुंच गई है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, एक को-ऑपरेटिव बैंक का स्मॉल फाइनेंस बैंक में परिवर्तन न केवल उसकी परिचालन क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि उसे व्यापक बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने और अधिक ग्राहकों तक पहुँचने की अनुमति भी देता है। यह कदम क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में बैंक की भूमिका को और मजबूत करेगा।

को-ऑपरेटिव से स्मॉल फाइनेंस बैंक की ओर संक्रमण वित्तीय स्थिरता और विस्तारवादी दृष्टि का एक स्पष्ट संकेत है।

बैंक ने विस्तार की अपनी योजना को भी साझा किया। पिछले एक वर्ष में नरसिपट्टनम, विजयवाड़ा और रामचंद्रपुरम में नई शाखाएं खोली गईं, और जल्द ही दो और शाखाओं के उद्घाटन की योजना है। वर्तमान वित्त वर्ष में भी बैंक की वृद्धि जारी है, जिसका लक्ष्य मार्च 2027 तक ₹700 करोड़ के व्यापार तक पहुंचना है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

को-ऑपरेटिव बैंक पारंपरिक रूप से स्थानीय समुदायों को ऋण और बचत सेवाएं प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं। जैसे-जैसे उनका पूंजी आधार बढ़ता है, वे अक्सर अधिक औपचारिक बैंकिंग लाइसेंस की ओर बढ़ते हैं ताकि वे डिजिटल बैंकिंग और व्यापक ऋण उत्पादों की पेशकश कर सकें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. महाराजा बैंक का लक्ष्य क्या है?
बैंक का लक्ष्य स्मॉल फाइनेंस बैंक का दर्जा प्राप्त करना और मार्च 2027 तक ₹700 करोड़ का व्यापारिक वॉल्यूम छूना है।

2. शेयरधारकों को क्या लाभ मिला?
बैंक के बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए 10% लाभांश की घोषणा की है।

क्या आप जानते हैं?: स्मॉल फाइनेंस बैंक विशेष रूप से कम आय वाले समूहों और छोटे व्यवसायों को वित्तीय समावेशन के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने के लिए बनाए गए हैं।