जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की वास्तविक प्रगति सरकारी खर्च से नहीं, बल्कि नागरिकों द्वारा नए उद्यम शुरू करने से आएगी। उन्होंने कृषि और बागवानी क्षेत्रों में नवाचार की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्य बातें

  • राज्य की प्रगति के लिए सरकारी सहायता के बजाय उद्यमशीलता (Entrepreneurship) पर ध्यान देना जरूरी है।
  • कृषि, बागवानी और डेयरी क्षेत्र आर्थिक विकास के सबसे बड़े चालक बन सकते हैं।
  • मुख्यमंत्री ने भूमि के बजाय 'उद्यम' को आधुनिक युग की सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति बताया।
  • दूध प्रसंस्करण (Milk Processing) जैसे क्षेत्रों में सुधार की भारी संभावनाएं हैं।

बेंगलुरु में आयोजित IIMBue नेतृत्व शिखर सम्मेलन 2026 में बोलते हुए, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक दूरदर्शी आर्थिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश का भविष्य केवल सरकारी बुनियादी ढांचे पर निर्भर नहीं होना चाहिए, बल्कि एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) बनाना चाहिए जहाँ आम नागरिक व्यापार शुरू कर सकें।

अब्दुल्ला ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का काम केवल सड़कें, स्कूल और अस्पताल बनाना नहीं है, बल्कि नागरिकों में आत्मविश्वास जगाना और अनिश्चितता को कम करना है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण तुलना करते हुए कहा, "यदि पिछली सदी में भूमि सबसे बड़ी उत्पादक संपत्ति थी, तो आज का दौर उद्यमशीलता (Enterprise) का है। उद्यम तक पहुंच बढ़ाना आज के समय में भूमि सुधारों के समान है।"

क्यों यह महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जम्मू-कश्मीर अब पारंपरिक पर्यटन-आधारित अर्थव्यवस्था से हटकर एक विविध औद्योगिक और कृषि-आधारित मॉडल की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा है। मुख्यमंत्री का ध्यान 'बड़े घोषणापत्रों' के बजाय 'निरंतर नीतिगत सुधारों' पर है, जो दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित कर सकते हैं।

"सरकार का कार्य केवल निर्माण करना नहीं, बल्कि विश्वास बहाल करना और यह सुनिश्चित करना है कि प्रयास को अवसर मिले।"

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान कृषि और बागवानी का है, फिर भी इन क्षेत्रों में मूल्यवर्धन (Value Addition) की बहुत कमी है। उदाहरण के तौर पर, उन्होंने बताया कि राज्य के दूध उत्पादन का केवल 7% हिस्सा ही संसाधित (Processed) किया जाता है, जबकि 93% कच्चा बेचा जाता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था ऐतिहासिक रूप से पर्यटन और सरकारी नौकरियों पर अत्यधिक निर्भर रही है। हालांकि, हाल के वर्षों में राज्य ने बुनियादी ढांचे के विकास और कृषि-प्रौद्योगिकी में निवेश के माध्यम से अपनी आर्थिक संरचना को बदलने का प्रयास किया है।

क्या आप जानते हैं?: जम्मू-कश्मीर में सेब के अलावा अब ब्लूबेरी जैसी प्रीमियम फसलों को उगाने की अपार संभावनाएं तलाशी जा रही हैं ताकि किसानों की आय बढ़ सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. उमर अब्दुल्ला ने किस क्षेत्र को सबसे बड़ा अवसर बताया है?
उन्होंने कृषि, बागवानी और डेयरी जैसे क्षेत्रों को सबसे बड़े आर्थिक अवसर के रूप में पहचाना है।

2. मुख्यमंत्री के अनुसार आधुनिक युग की सबसे बड़ी संपत्ति क्या है?
उनके अनुसार, आज के युग में 'उद्यमशीलता' (Enterprise) सबसे महत्वपूर्ण उत्पादक संपत्ति है।