पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एक मैकेनिक के माध्यम से उन्होंने प्रदर्शन किया कि कैसे इथेनॉल ब्लेंडेड ईंधन गाड़ियों के इंजन और पार्ट्स को नुकसान पहुंचा रहा है।

मुख्य बातें

  • E20 पेट्रोल से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है।
  • BS3 और BS4 वाहनों के कार्बोरेटर और सील खराब हो रहे हैं।
  • BS6 गाड़ियों के फ्यूल पंप और फिल्टर चोक होने की समस्या बढ़ी है।
  • सरकार ने भी माना है कि माइलेज में 2% से 6% की गिरावट आ सकती है।

दिल्ली के 'कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया' में आयोजित 'नेशनल टाउन हॉल अगेंस्ट E20' कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की ई20 ईंधन नीति पर तीखा हमला बोला। केजरीवाल ने केवल भाषण नहीं दिया, बल्कि मंच पर एक अनुभवी मोटर मैकेनिक को बुलाकर लाइव डेमो के जरिए समझाया कि यह ईंधन असल में वाहनों के लिए कितना घातक है।

कार्यक्रम में मौजूद मैकेनिक अमीर खान ने हाथ में कार्बोरेटर और फ्यूल पंप लेकर बताया कि इथेनॉल युक्त पेट्रोल कैसे इंजन के महत्वपूर्ण हिस्सों को नुकसान पहुंचा रहा है। अमीर ने बताया कि वह पिछले 13 वर्षों से वाहनों की मरम्मत कर रहे हैं और अब उन्हें पहले के मुकाबले कहीं अधिक जटिल समस्याएं देखने को मिल रही हैं।

क्यों यह मुद्दा महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मुद्दा केवल पर्यावरण का नहीं बल्कि आम आदमी की जेब का भी है। यदि ईंधन की गुणवत्ता के कारण वाहनों का मेंटेनेंस खर्च बढ़ता है, तो इसका सीधा असर मध्यम वर्ग के बजट पर पड़ेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इथेनॉल की अधिक मात्रा पुराने वाहनों के रबर कंपोनेंट्स के लिए 'साइलेंट किलर' साबित हो सकती है।

मैकेनिक के अनुसार, BS3 और BS4 वाहनों में सबसे ज्यादा समस्या आ रही है। कार्बोरेटर में जमा होने वाला पेट्रोल इथेनॉल की मौजूदगी के कारण 'काई' या गाद जैसा पदार्थ बना देता है, जिससे गाड़ी स्टार्ट होना बंद हो जाती है। वहीं, आधुनिक BS6 गाड़ियों के फ्यूल पंप के फिल्टर भी बहुत जल्दी चोक हो रहे हैं, जिससे गाड़ी का पिक-अप गिर रहा है।

विशेषतापुराना पेट्रोल (Non-Blended)E20 पेट्रोल (Ethanol Blended)
माइलेज (Efficiency)बेहतर और स्थिर2% से 6% तक की गिरावट
इंजन पार्ट्स पर प्रभावन्यूनतम प्रभावरबर सील और गास्केट को नुकसान
मेंटेनेंस खर्चकमबढ़ता हुआ (फिल्टर/पंप की समस्या)

हैरानी की बात यह है कि सरकार ने भी संसद में यह स्वीकार किया है कि E20 के उपयोग से वाहनों की फ्यूल एफिशिएंसी कम हो सकती है और 2005 से 2016 के बीच बने वाहनों के रबर पार्ट्स पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।

क्या आप जानते हैं?: इथेनॉल एक 'हाइग्रोस्कोपिक' पदार्थ है, जिसका अर्थ है कि यह हवा से नमी सोख लेता है, जिससे ईंधन टैंक में पानी जैसी स्थिति बन सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या E20 पेट्रोल मेरी पुरानी गाड़ी को खराब कर सकता है?
हाँ, विशेषकर BS3 और BS4 वाहनों के रबर पार्ट्स और कार्बोरेटर पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

2. E20 से माइलेज कितना कम होता है?
सरकार के अनुसार, E20 के इस्तेमाल से माइलेज में 2% से 6% तक की कमी आ सकती है।

संपादकीय टिप्पणी

ईंधन नीति और तकनीकी तैयारी के बीच का यह अंतर आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहा है। सरकार को इथेनॉल मिश्रण के साथ-साथ वाहन निर्माताओं के लिए सख्त मानक तय करने चाहिए।