भारत सरकार ने तेल आयात पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए 'समुद्र मंथन' योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत गहरे समुद्र में 60 कुओं की खोज की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए प्रति कुआं ₹650 करोड़ का निवेश किया जाएगा।

मुख्य बातें

  • केंद्र सरकार ने ₹84,084 करोड़ के 'समुद्र मंथन' राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना को मंजूरी दी है।
  • लक्ष्य 60 गहरे समुद्र के कुओं के माध्यम से घरेलू तेल और गैस उत्पादन बढ़ाना है।
  • प्रत्येक कुएं के लिए लगभग ₹650 करोड़ का अनुमानित बजट आवंटित किया जाएगा।

भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और कच्चे तेल के आयात पर अत्यधिक निर्भरता को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'समुद्र मंथन' (National Offshore Exploration Scheme) को मंजूरी दे दी है, जिसका कुल परिव्यय ₹84,084 करोड़ है। यह योजना भारत के समुद्री क्षेत्रों में तेल और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार को खोजने के लिए डिज़ाइन की गई है।

परियोजना का विस्तार और लागत

इस महत्वाकांक्षी मिशन के तहत, सरकार गहरे समुद्र में 60 नए कुओं की ड्रिलिंग की योजना बना रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक गहराई और तकनीकी चुनौतियों के कारण, प्रत्येक कुएं की लागत लगभग ₹650 करोड़ होने का अनुमान है। यह निवेश भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए घरेलू स्रोतों को अधिकतम करने की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 85% आयात करता है, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार और अर्थव्यवस्था दोनों प्रभावित होते हैं। 'समुद्र मंथन' जैसी योजनाएं न केवल आयात बिल को कम करेंगी, बल्कि भारत को वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक अधिक स्थिर खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेंगी।

गहरे समुद्र में अन्वेषण भारत की रणनीतिक स्वायत्तता के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत दशकों से कच्चे तेल के लिए मध्य पूर्व और अन्य देशों पर निर्भर रहा है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में, 'डिस्कवरी ऑफ हाइड्रोकार्बन' और 'डीपवाटर ड्रिलिंग' तकनीकों में सुधार ने भारत को अपने समुद्री सीमाओं के भीतर संसाधन खोजने की नई उम्मीद दी है।

क्या आप जानते हैं?: भारत का समुद्री क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा भंडारों में से एक होने की क्षमता रखता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: 'समुद्र मंथन' योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य गहरे समुद्र में तेल और गैस की खोज करके भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ाना है।

प्रश्न 2: इस परियोजना की कुल लागत कितनी है?
उत्तर: इस राष्ट्रीय योजना का कुल परिव्यय ₹84,084 करोड़ है।