पश्चिम एशिया युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अस्थिरता के बावजूद, भारत ने अमेरिका, ओमान और नाइजीरिया जैसे नए स्रोतों से LNG आयात बढ़ाकर अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की है।
मुख्य बातें
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य में संकट के कारण कतर से आयात में 91% की भारी गिरावट आई।
- भारत ने अमेरिका, ओमान और नाइजीरिया से आयात बढ़ाकर अपनी जरूरतों को पूरा किया।
- मई-जुलाई के दौरान भारत का कुल LNG आयात साल-दर-साल 15.4% बढ़ा।
- अमेरिका अब भारत के लिए सबसे बड़ा LNG आपूर्तिकर्ता बन गया है।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के प्रभावी रूप से बंद होने के बावजूद, भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक रणनीतिक बदलाव किया है। जहाँ एक ओर कतर जैसे प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं से आयात में भारी गिरावट देखी गई, वहीं दूसरी ओर अमेरिका, ओमान, नाइजीरिया और अंगोला जैसे देशों से आने वाले कार्गो ने भारत की अर्थव्यवस्था को संकट से उबार लिया है।
शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, मार्च और अप्रैल में आयात में आई गिरावट के बाद, मई से जुलाई की अवधि में भारत ने अपनी चपलता दिखाई। Kpler के विश्लेषण के अनुसार, भारत का कुल LNG आयात पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 15.4% बढ़कर 7.08 मिलियन टन हो गया है। यह दर्शाता है कि भारतीय बाजार ने उच्च कीमतों और आपूर्ति बाधाओं के बावजूद लचीलापन दिखाया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा अब केवल मध्य पूर्व के देशों पर निर्भर नहीं है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और LNG शिपमेंट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और वहां होने वाली कोई भी हलचल भारत के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। भारत ने इस जोखिम को कम करने के लिए अपने 'सप्लायर मिक्स' में विविधता लाकर एक मास्टरस्ट्रोक खेला है।
भारतीय बाजार ने जबरदस्त लचीलापन दिखाया है; आपूर्ति प्रतिबंधों के बावजूद मांग मजबूत बनी हुई है।
आंकड़ों पर नज़र डालें तो, अमेरिका भारत के लिए शीर्ष आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है, जिसका आयात 252.8% बढ़ा है। इसके बाद नाइजीरिया (1.31 मिलियन टन), ओमान (1.22 मिलियन टन) और अंगोला (0.80 मिलियन टन) का स्थान है। वहीं, कतर से होने वाला आयात 91.3% तक गिर गया है, जो इस क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव का सीधा परिणाम है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत अपनी प्राकृतिक गैस की लगभग आधी जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। ऐतिहासिक रूप से, भारत का लगभग 60% LNG आयात हॉर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होता था, जिसमें कतर और यूएई की प्रमुख भूमिका थी। इस संकीर्ण जलमार्ग पर अत्यधिक निर्भरता ने भारत को वैश्विक संघर्षों के प्रति संवेदनशील बना दिया था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. भारत के लिए सबसे बड़ा LNG आपूर्तिकर्ता कौन है?
वर्तमान में, संकट के दौरान अमेरिका भारत के लिए सबसे बड़ा LNG आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है।
2. हॉर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व क्या है?
यह ईरान और ओमान के बीच एक संकीर्ण रास्ता है जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है, जो वैश्विक ऊर्जा प्रवाह के लिए महत्वपूर्ण है।