गूगल में दो दशकों का सफर पूरा करने के बाद, शंकर मुरली ने अपने करियर को आकार देने वाले 6 महत्वपूर्ण नेतृत्व पाठ साझा किए हैं। उन्होंने सुनने, जिज्ञासा और सहानुभूति जैसे गुणों पर जोर दिया है।
मुख्य बातें
- सच्चा नेतृत्व सुनने की कला में निहित है।
- जिज्ञासा और निरंतर सीखना सफलता की कुंजी है।
- बदलाव को स्वीकार करना और लचीलापन बनाए रखना अनिवार्य है।
गूगल जैसे वैश्विक दिग्गज के साथ 20 वर्षों का सफर तय करना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। हाल ही में, कंपनी के कार्यकारी शंकर मुरली ने अपने इस लंबे और उतार-चढ़ाव भरे सफर से निकले छह महत्वपूर्ण नेतृत्व पाठों को साझा किया है, जो आज के पेशेवर युग में अत्यंत प्रासंगिक हैं।
मुरली ने अपनी यात्रा की यादों को साझा करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने गूगल इंडिया के शुरुआती दिनों में काम किया था, जब कार्यालय छोटे थे और सुविधाएं सीमित थीं। उन्होंने भुगतान प्रणालियों (Payments) से लेकर विज्ञापन नीतियों (Ads Policy) तक के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी भूमिका निभाई। उनका अनुभव दिखाता है कि तकनीकी कौशल के साथ-साथ मानवीय गुण भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि आज के तेजी से बदलते कॉर्पोरेट वातावरण में, केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। मुरली द्वारा बताए गए सबक, जैसे सहानुभूति और लचीलापन, एक टीम के भीतर विश्वास और उत्पादकता बनाने के लिए आवश्यक हैं।
"ज्ञान साझा करना ही एकमात्र ज्ञान है जो विस्तार कर सकता है।"
नेतृत्व के 6 स्तंभ
मुरली ने अपने अनुभवों को निम्नलिखित श्रेणियों में विभाजित किया है:
- सुनना ही नेतृत्व है: समस्याओं का समाधान तुरंत देने के बजाय, टीम को सोचने का स्थान देना।
- जिज्ञासा बनाए रखें: निरंतर सीखने की प्रवृत्ति।
- उदाहरण पेश करें: जो आप अपनी टीम से चाहते हैं, उसे स्वयं करके दिखाएं।
- लोगों की परवाह करें: सहानुभूति और अच्छे इरादों पर विश्वास करना।
- लचीलापन और सम्मान: मतभेदों का सम्मान करना और चुनौतियों से उबरना।
- परिवर्तन को अपनाएं: बदलाव को डर के बजाय अवसर के रूप में देखना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. शंकर मुरली ने गूगल में कितने वर्ष काम किया?
उन्होंने गूगल में 20 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
2. उनके अनुसार सबसे महत्वपूर्ण नेतृत्व गुण क्या है?
उनके अनुसार, नेतृत्व का सबसे बड़ा हिस्सा 'सुनना' और अपनी टीम को सोचने के लिए प्रेरित करना है।