नई कर विधेयक के माध्यम से भारत सरकार विनिर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक छूट और आसान नियम पेश कर रही है, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षण बढ़ेगा।
मुख्य बिंदु
- 2026 कर विधेयक में इलेक्ट्रॉनिक सामान की उत्पादन पर कर छूट FY2040‑41 तक बढ़ाई जाएगी
- विदेशी निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश, फंड कॉर्पस और विविधीकरण की शर्तें आसान की जाएँगी
- डेटा सेंटर, REIT, InvIT और हीरे के व्यापार पर विशेष कर राहत प्रदान की जाएगी
भारत सरकार ने "Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026" को लोकसभा में प्रस्तुत करने की तैयारी की है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य विनिर्माण क्षेत्र, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की उत्पादन, तथा विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए एक अनुमानित कर ढांचा बनाना है।
विधेयक के प्रमुख प्रावधानों में अनुबंधित इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के उत्पादन पर कर छूट को FY2040‑41 तक विस्तारित करना शामिल है। इससे मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट, सर्वर और पहनने योग्य उपकरणों के निर्माताओं को दीर्घकालिक कर स्थिरता मिलेगी।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) और वैश्विक फंड मैनेजर्स के लिए न्यूनतम निवेशकों की संख्या, फंड कॉर्पस, निवेश विविधीकरण और एसोसिएट एंटिटी में निवेश पर प्रतिबंधों को कम किया जाएगा, जिससे भारत को अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाना लक्ष्य है।
डेटा सेंटर, REIT और InvIT जैसे डिजिटल बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में भी कर राहत दी जाएगी। विदेशी कंपनियों को डेटा सेंटर सेवाओं के लिए विशेष नोटिफिकेशन की आवश्यकता नहीं रहेगी, और "विशिष्ट डेटा सेंटर" की परिभाषा का विस्तार किया जाएगा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that these tax incentives could lift manufacturing output by up to 15% over the next decade and position India as a leading global hub for electronics production.
"विनिर्माण और डिजिटल बुनियादी ढांचे में स्थिर कर नीति निवेशकों के भरोसे को बहाल करती है," कहा कर विशेषज्ञ रिचा साहनी ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या यह कर छूट सभी इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर लागू होगी?
उत्तर: नहीं, यह केवल निर्दिष्ट इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं जैसे मोबाइल, लैपटॉप आदि पर लागू होगी।
प्रश्न 2: विदेशी निवेशकों के लिए नई शर्तें कब से प्रभावी होंगी?
उत्तर: विधेयक के पारित होते ही नई शर्तें लागू होंगी, जिसकी अपेक्षा इस सप्ताह लोकसभा में हो रही है।