भारत सरकार $42 बिलियन का रणनीतिक ईंधन भंडार बनाने के लिए एलपीजी और प्राकृतिक गैस उपयोगकर्ताओं पर अतिरिक्त शुल्क लगाने पर विचार कर रही है। इस कदम का उद्देश्य वैश्विक आपूर्ति संकट के दौरान देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

मुख्य बातें

  • सरकार $42 बिलियन का रणनीतिक ईंधन भंडार बनाने की योजना बना रही है।
  • एलपीजी सिलेंडर पर लगभग ₹18 की वृद्धि हो सकती है।
  • प्राकृतिक गैस पर ₹1.43 प्रति मानक घन मीटर का शुल्क प्रस्तावित है।
  • इसका उद्देश्य मध्य पूर्व के संकट जैसे वैश्विक व्यवधानों से सुरक्षा प्रदान करना है।

भारत सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार $42 बिलियन का रणनीतिक ईंधन भंडार (Strategic Fuel Reserve) बनाने के लिए एलपीजी और प्राकृतिक गैस उपभोक्ताओं पर नए शुल्क लगाने पर विचार कर रही है। यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री कैबिनेट की मंजूरी के अधीन है और यदि लागू होता है, तो यह पहली बार होगा जब भारत कच्चे तेल के अलावा अन्य गैसों का भी भंडार रखेगा।

उपयोगकर्ताओं पर क्या होगा असर?

प्रस्तावित योजना के तहत, बुनियादी ढांचे के विकास के लिए धन जुटाने हेतु उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार डाला जा सकता है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा एलपीजी (LPG) पर ₹1.29 प्रति किलोग्राम का शुल्क लगाने पर विचार किया जा रहा है। यदि यह लागू होता है, तो एक मानक घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में लगभग ₹18 की वृद्धि हो सकती है।

प्राकृतिक गैस के मामले में, मंत्रालय ने प्रति मानक घन मीटर ₹1.43 का शुल्क प्रस्तावित किया है, जिससे सालाना लगभग $1 बिलियन जुटाने का लक्ष्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे घरेलू गैस बिलों में लगभग 2% की वृद्धि हो सकती है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है और ऊर्जा आपूर्ति के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर जोखिम के कारण, भारत को एक मजबूत बफर की आवश्यकता है। वर्तमान में, भारत के पास केवल 10 दिनों की मांग के बराबर भंडार है, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के पास 100 दिनों से अधिक का बैकअप है।

ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक भंडार में निवेश करना अब एक विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है।

तुलनात्मक विश्लेषण: भारत बनाम अन्य एशियाई देश

देशरणनीतिक भंडार क्षमता (दिनों में)जोखिम स्तर
भारत~10 दिनउच्च
जापान100+ दिनकम
दक्षिण कोरिया100+ दिनकम
क्या आप जानते हैं?: भारत वर्तमान में 5.33 मिलियन टन कच्चे तेल का भंडारण करता है, लेकिन एलपीजी और एलएनजी के लिए समर्पित भंडार की कमी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. गैस सिलेंडर महंगा क्यों हो सकता है?
सरकार रणनीतिक ईंधन भंडार बनाने के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण हेतु शुल्क वसूलना चाहती है।

2. इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य वैश्विक युद्ध या आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में देश को ऊर्जा संकट से बचाना है।