IIT मद्रास से निकले रोबोटिक्स स्टार्टअप सोलिनस इंटीग्रिटी ने सीरीज A1 फंडिंग राउंड में $5.5 मिलियन जुटाए हैं। इस पूंजी का उपयोग कंपनी भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने विस्तार के लिए करेगी।

मुख्य बातें

  • सोलिनस इंटीग्रिटी ने $5.5 मिलियन का नया निवेश प्राप्त किया है।
  • यह फंडिंग हीरो एंटरप्राइज पार्टनर वेंचर्स और मेला वेंचर्स के नेतृत्व में हुई।
  • कंपनी का लक्ष्य जल बुनियादी ढांचे और स्वच्छता के लिए रोबोटिक्स समाधान प्रदान करना है।
  • कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028 तक ₹100 करोड़ का राजस्व प्राप्त करना है।

चेन्नई: IIT मद्रास रिसर्च पार्क में स्थित जलवायु डीप टेक और रोबोटिक्स कंपनी, सोलिनस इंटीग्रिटी (Solinas Integrity) ने अपने विस्तार के लिए सीरीज A1 फंडिंग राउंड में $5.5 मिलियन (लगभग ₹46 करोड़) जुटाने की घोषणा की है। इस निवेश दौर का नेतृत्व हीरो एंटरप्राइज पार्टनर वेंचर्स ने किया, जबकि मेला वेंचर्स ने सह-नेतृत्व किया। इस राउंड में लुट्रा ग्रुप ने भी भागीदारी की।

मौजूदा निवेशक SBI वेंचर्स ने अपने SVL-SME फंड के माध्यम से अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इसके अलावा, रेनमैटर (Rainmatter) और 8X वेंचर्स फंड I ने भी कंपनी का समर्थन जारी रखा है। दिवंशु कुमार और मोइनक बनर्जी द्वारा स्थापित सोलिनस का उद्देश्य भूमिगत जल और अपशिष्ट जल बुनियादी ढांचे के निरीक्षण और सफाई के लिए AI और रोबोटिक्स का उपयोग करना है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, भारत में जल प्रबंधन और स्वच्छता एक बड़ी चुनौती है। सोलिनस जैसे स्टार्टअप न केवल जल रिसाव और प्रदूषण जैसी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, बल्कि वे 'मैनुअल स्कैवेंजिंग' (हाथ से मैला ढोने) जैसी अमानवीय प्रथा को समाप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

मौजूदा जल बुनियादी ढांचे का रखरखाव मैनुअल, खतरनाक और महंगा है; सोलिनस एक एकीकृत रोबोटिक्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से इसे बदल रहा है।

कंपनी इस नई पूंजी का उपयोग भारत के विभिन्न राज्यों और नगर निगमों में अपनी पैठ बढ़ाने के साथ-साथ मध्य पूर्व और दक्षिण पूर्व एशिया जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कदम रखने के लिए करेगी। इसके अलावा, कंपनी तेल और गैस तथा रक्षा जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार करने की योजना बना रही है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

IIT मद्रास का इकोसिस्टम भारत में डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए एक नर्सरी के रूप में कार्य करता रहा है। सोलिनस की सफलता यह दर्शाती है कि कैसे अकादमिक अनुसंधान को व्यावसायिक समाधानों में बदला जा सकता है जो समाज की बुनियादी समस्याओं को हल करते हैं।

क्या आप जानते हैं?: सोलिनस के रोबोटिक सिस्टम भूमिगत पाइपलाइनों का मानचित्रण कर सकते हैं, जिससे बिना खुदाई किए लीकेज का पता लगाया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. सोलिनस इंटीग्रिटी क्या करती है?
यह कंपनी भूमिगत जल और सीवरेज प्रणालियों के निरीक्षण और सफाई के लिए AI-संचालित रोबोटिक्स बनाती है।

2. कंपनी का अगला लक्ष्य क्या है?
कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028 तक ₹100 करोड़ का राजस्व प्राप्त करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करना है।