भारतीय रुपया लगातार नौवें कारोबारी सत्र में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 95.08 पर बंद हुआ। यह एक साल की सबसे लंबी बढ़त का सिलसिला है, जो 165 पैसे की मजबूती दर्शाता है।
मुख्य बातें
- रुपया लगातार 9वें सत्र में मजबूत होकर 95.08 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
- 23 जुलाई के बाद से रुपया 1.7% (165 पैसे) की बढ़त दर्ज कर चुका है।
- RBI द्वारा रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने और डॉलर इंडेक्स में कमजोरी से रुपये को सहारा मिला।
- कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक जोखिम धारणा में सुधार भी प्रमुख कारण रहे।
भारतीय मुद्रा यानी रुपया (₹) ने आज एक बार फिर अमेरिकी डॉलर के खिलाफ अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। बुधवार को कारोबारी सत्र के अंत में रुपया 20 पैसे की बढ़त के साथ 95.08 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह लगातार नौवें सत्र में दर्ज की गई मजबूती है, जो निवेशकों के बीच उत्साह का माहौल पैदा कर रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह रुपये की एक साल से अधिक समय की सबसे लंबी लगातार तेजी (Winning Streak) है। 23 जुलाई को जब रुपया 96.73 के स्तर पर था, तब से अब तक इसमें कुल 165 पैसे या लगभग 1.7% का सुधार देखा गया है। इससे पहले ऐसी निरंतर बढ़त पिछले वर्ष जून के महीने में देखी गई थी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मजबूती?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि रुपये की इस शानदार रिकवरी के पीछे कई महत्वपूर्ण आर्थिक कारक काम कर रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखना और 'न्यूट्रल' रुख अपनाना बाजार को स्थिरता प्रदान कर रहा है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स में आई कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी भारतीय मुद्रा को मजबूती दी है।
यदि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव कम होता है, तो रुपये में और अधिक मजबूती आने की प्रबल संभावना है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी आने से ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट में सुधार हुआ है। हालांकि, निवेशकों की नजर अब अमेरिका के ISM सर्विसेज PMI आंकड़ों पर टिकी है, जो भविष्य में डॉलर की दिशा तय करेंगे।
ऐतिहासिक संदर्भ
भारतीय रुपये ने पिछले कुछ वर्षों में काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं। वैश्विक तेल संकट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों के कारण रुपया अक्सर दबाव में रहा है, लेकिन वर्तमान में मजबूत विदेशी पूंजी प्रवाह (Foreign Capital Inflow) और स्थिर मौद्रिक नीति ने इसे एक नई दिशा दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. रुपया क्यों मजबूत हो रहा है?
डॉलर इंडेक्स में कमजोरी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और RBI की स्थिर मौद्रिक नीति इसके मुख्य कारण हैं।
2. रुपये की वर्तमान स्थिति क्या है?
रुपया फिलहाल 95.08 प्रति डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले कुछ दिनों में काफी मजबूत हुआ है।