त्योहारी सीजन के दौरान चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए चीनी मिलें अपने गन्ने की पेराई का कार्यक्रम 10-15 दिन पहले शुरू करने जा रही हैं।
मुख्य बातें
- चीनी मिलें 2026-2027 सीजन के लिए निर्धारित समय से 10-15 दिन पहले काम शुरू करेंगी।
- ISMA और NFCSF ने त्योहारी सीजन में चीनी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया है।
- जल्दी पेराई शुरू करने से रिकवरी दर में कमी आ सकती है, जिसके लिए मिलों ने सरकारी सहायता की मांग की है।
भारत में आगामी त्योहारी सीजन के दौरान चीनी की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) और नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रियों (NFCSF) ने घोषणा की है कि चीनी मिलें 2026-2027 चीनी विपणन सीजन के लिए अपने गन्ने की पेराई का कार्यक्रम सामान्य समय से 10-15 दिन पहले शुरू कर देंगी।
यह निर्णय पिछले महीने चीनी संयुक्त सचिव के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहारों के दौरान घरेलू बाजार में ताजी चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। हालांकि, उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि पेराई का काम जल्दी शुरू करने से गन्ने की पैदावार और चीनी की रिकवरी दर में कुछ कमी आ सकती है, जिससे मिलों की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ सकता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि त्योहारों के दौरान मांग में अचानक वृद्धि होने से कीमतों में अस्थिरता आ सकती है। मिलों द्वारा समय से पहले उत्पादन शुरू करना बाजार में स्थिरता लाने के लिए एक रणनीतिक कदम है। हालांकि, मिलों ने सरकार से आग्रह किया है कि वे इस शुरुआती चरण में होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई के लिए सहायता प्रदान करें, जैसे कि CGST में छूट या अतिरिक्त बिक्री कोटा।
समय से पहले पेराई शुरू करने से बाजार में आपूर्ति तो बढ़ेगी, लेकिन मिलों के मुनाफे पर दबाव पड़ना तय है।
चीनी के मौजूदा बाजार भाव पर चर्चा करते हुए, संघों ने बताया कि वर्तमान औसत मूल्य ₹40 से ₹40.5 प्रति किलो के बीच है, जो कि लगभग ₹42 प्रति किलो की उत्पादन लागत से कम है। उन्होंने उपभोक्ताओं और व्यापारियों से अफवाहों और जमाखोरी से बचने की अपील की है, क्योंकि भारत में घरेलू खपत के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत दुनिया के सबसे बड़े चीनी उत्पादकों में से एक है। चीनी की पेराई का समय आमतौर पर फसल कटाई के चक्र पर निर्भर करता है। पिछले कुछ वर्षों में, त्योहारों के दौरान कीमतों में उछाल को रोकने के लिए सरकार और मिलों के बीच समन्वय बढ़ा है ताकि आम जनता पर आर्थिक बोझ न पड़े।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: पेराई का समय पहले शुरू करने का क्या कारण है?
उत्तर: मुख्य कारण त्योहारी सीजन के दौरान चीनी की मांग को पूरा करना और आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
प्रश्न 2: क्या इससे चीनी की कीमतों पर असर पड़ेगा?
उत्तर: मिलों का उद्देश्य आपूर्ति बढ़ाकर कीमतों को स्थिर रखना है, हालांकि उत्पादन लागत और बाजार की मांग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।