तमिलनाडु सरकार ने केंद्र से मिलने वाली उच्च धनराशि की उम्मीद में अपने कुल राजस्व प्राप्तियों (TRR) के अनुमान को बढ़ा दिया है। इस बदलाव के कारण राजस्व में ₹5,452 करोड़ की वृद्धि देखी जा रही है।

मुख्य बातें

  • तमिलनाडु के कुल राजस्व प्राप्तियों (TRR) के अनुमान में ₹5,452 करोड़ की वृद्धि हुई है।
  • यह वृद्धि मुख्य रूप से केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) और 'विकसित भारत' मिशन से जुड़ी है।
  • राज्य सरकार ने राजस्व जुटाने के लिए शराब निर्माताओं पर अतिरिक्त शुल्क और आईटी आधारित कर प्रणाली जैसे कदम उठाए हैं।

तमिलनाडु की वर्तमान सरकार ने केंद्र सरकार से अधिक वित्तीय सहायता मिलने की संभावना के चलते अपने कुल राजस्व प्राप्तियों (Total Revenue Receipts - TRR) के संशोधित अनुमान को ऊपर की ओर संशोधित किया है। जहाँ पिछले पाँच वर्षों में से तीन वर्षों के दौरान बजट अनुमानों में कमी देखी गई थी, वहीं इस बार सरकार ने एक सकारात्मक रुख अपनाते हुए राजस्व में वृद्धि का अनुमान लगाया है।

राजस्व में वृद्धि का गणित

शुरुआती बजट के समय सरकार ने ₹3,44,575 करोड़ का अनुमान लगाया था, जिसे अब बढ़ाकर ₹3,50,027 करोड़ कर दिया गया है। यह ₹5,452 करोड़ का उछाल केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) में होने वाली वृद्धि के कारण है। विशेष रूप से, 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)' (VB G RAM-G) के तहत राज्य को मिलने वाले फंड का बड़ा हाथ है।

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस मिशन के तहत राज्य सरकार को ₹7,586 करोड़ का इनफ्लो (आवक) होगा, जबकि राज्य की ओर से ₹5,057 करोड़ का योगदान देना होगा। इसके अतिरिक्त, मनरेगा (MGNREGS) के तहत भी ₹3,461 करोड़ की राशि बकाया है, जो कुल राजस्व को मजबूती प्रदान कर रही है।

केंद्र और राज्य के बीच वित्तीय तालमेल राज्य की विकास योजनाओं की गति को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

संसाधन जुटाने के नए उपाय

वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने बजट भाषण के दौरान बताया कि सरकार अतिरिक्त संसाधन जुटाने के लिए कई ठोस कदम उठा रही है। सरकार का लक्ष्य लगभग ₹15,000 करोड़ अतिरिक्त जुटाने का है। इसमें शराब निर्माताओं पर अतिरिक्त विशेषाधिकार शुल्क (Privilege Fee) लगाना और जीएसटी के तहत 'फेसलेस असेसमेंट' जैसी तकनीक का उपयोग करना शामिल है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इससे पहले, तमिलनाडु के श्वेत पत्र (White Paper) में बजट विश्वसनीयता के अंतर और राजस्व प्राप्तियों के अनुमान से कम रहने की चिंता जताई गई थी। वर्तमान सरकार का यह संशोधित बजट उस अंतराल को भरने की एक रणनीतिक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

क्या आप जानते हैं?: 'फेसलेस असेसमेंट' तकनीक का उद्देश्य करदाताओं और अधिकारियों के बीच सीधा संपर्क कम करके पारदर्शिता बढ़ाना और भ्रष्टाचार को रोकना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. राजस्व प्राप्तियों (TRR) में वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
इसका मुख्य कारण केंद्र सरकार की योजनाओं, विशेषकर VB G RAM-G और CSS के तहत मिलने वाला अतिरिक्त फंड है।

2. सरकार अतिरिक्त ₹15,000 करोड़ कैसे जुटाएगी?
इसके लिए शराब शुल्क में वृद्धि और जीएसटी व पंजीकरण विभाग में आईटी-आधारित फेसलेस प्रणालियों का उपयोग किया जाएगा।