तेरंगाना के कई निजी प्लॉट, घर और अपार्टमेंट मालिकों को अब बिक्री, बंधक या स्थानांतरण की अनुमति नहीं मिल रही है। सरकार का दावा है कि दिसंबर 2023 के बाद कोई भी जमीन जानबूझकर प्रतिबंधित सूची में नहीं जोड़ी गई।

मुख्य बिंदु

  • सेक्शन 22A की सूची में कई निजी प्लॉट शामिल
  • मालिकों को बिक्री, बंधक या स्थानांतरण में बाधा
  • सरकार का दावा: पिछले 6 महीनों में कोई नई जमीन नहीं जोड़ी गई

जमीनी विवाद का विस्तार

तेरंगाना के विभिन्न जिलों में मालिकों ने बताया कि जब उन्होंने बिक्री या बंधक के लिए सुभ‑रजिस्ट्रार कार्यालय (SRO) में दस्तावेज़ प्रस्तुत किए, तो अधिकारी ने बताया कि उनका प्लॉट सेक्शन 22A के तहत प्रतिबंधित सूची में है। 40‑वर्षीय राजमिस्त्री उदयागिरी प्रसाद ने 66.8 वर्ग गज का प्लॉट खरीदा था, लेकिन निपटान के समय उसे रजिस्टर नहीं किया गया।

बोडुप्पल के 28‑वर्षीय मेकेला हर्षवर्धन और पीरजादिगुडा के कई अन्य मालिकों ने समान समस्याओं की रिपोर्ट की। उनके प्लॉट को शहरी भूमि सीमा (ULC) के रूप में वर्गीकृत किया गया, जिससे रजिस्ट्रेशन रुक गया।

सेक्शन 22A क्या है?

रजिस्ट्रेशन अधिनियम की धारा 22A सरकारी भूमि, जल निकाय, वन, वक़्फ़ आदि की अवैध पंजीकरण को रोकने के लिये बनाई गई है। यह सरकार को ऐसी भूमि को ‘पंजीकरण निषिद्ध’ घोषित करने का अधिकार देती है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the blanket inclusion of entire survey numbers under Section 22A is creating a systemic risk for the real‑estate market in Telangana, potentially freezing billions of rupees in private assets and eroding buyer confidence.

“यदि रिकॉर्ड की सटीकता नहीं सुधारी गई तो निजी भूमि को भी सरकारी सूची में जोड़ना अनिवार्य त्रुटि बन सकता है।” – शैक्षणिक भू‑कायदा विशेषज्ञ, डॉ. अजय सिंह
क्या आप जानते हैं?: सेक्शन 22A के तहत पहली बार 2015 में 3.2 लाख वर्ग मीटर की सरकारी भूमि को प्रतिबंधित किया गया था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या कोई प्रभावित मालिक अपने प्लॉट को फिर से पंजीकृत करवा सकता है?

उत्तर: वर्तमान में मालिकों को जिला कलेक्टर से NOC प्राप्त करना आवश्यक है, जिसके बाद ही पंजीकरण संभव हो सकता है।

प्रश्न 2: सरकार कब तक इस मुद्दे का समाधान करेगी?

उत्तर: आधिकारिक तौर पर कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी गई, लेकिन कई प्रतिनिधियों ने कहा है कि प्रक्रिया को तेज करने के लिये विशेष आदेश जारी किए जाएंगे।