कर्नाटक पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KPTCL) अपने 6,119 किलोमीटर लंबे ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क को व्यावसायिक रूप से उपयोग करने की तैयारी कर रहा है, जिससे कंपनी को करोड़ों का फायदा होगा।

मुख्य बातें

  • KPTCL अपने 24 ऑप्टिकल फाइबर पेयर्स में से 12 को लीज पर देगा।
  • इस परियोजना से 15 वर्षों में लगभग ₹130 करोड़ का निश्चित राजस्व मिलने की उम्मीद है।
  • कंपनी को फाइबर लीजिंग के साथ-साथ 40% राजस्व साझाकरण और को-लोकेशन शुल्क भी मिलेगा।

कर्नाटक पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KPTCL) ने अपने 6,119 किलोमीटर लंबे ऑप्टिकल ग्राउंड वायर (OPGW) नेटवर्क पर उपलब्ध अतिरिक्त 'डार्क फाइबर' को व्यावसायिक रूप से उपयोग करने का निर्णय लिया है। इस रणनीतिक कदम का उद्देश्य न केवल निगम के लिए दीर्घकालिक राजस्व उत्पन्न करना है, बल्कि कर्नाटक के डिजिटल कनेक्टिविटी पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूत करना है।

इस पहल के तहत, KPTCL अपने कुल 24 ऑप्टिकल फाइबर पेयर्स में से 12 पेयर्स को अपने ग्रिड संचार आवश्यकताओं के लिए सुरक्षित रखेगा। शेष 12 फाइबर पेयर्स को लाइसेंस प्राप्त टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं, डेटा नेटवर्क कंपनियों और अन्य अधिकृत सेवा प्रदाताओं को व्यावसायिक आधार पर लीज पर दिया जाएगा।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का इस तरह का अनुकूलन राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह पहल न केवल बिजली वितरण नेटवर्क को आधुनिक बनाएगी, बल्कि उच्च गति वाली इंटरनेट सेवाओं के विस्तार में भी मदद करेगी।

सार्वजनिक संपत्तियों का व्यावसायीकरण राज्य के डिजिटल बुनियादी ढांचे को गति देने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

प्रतियोगी बोली प्रक्रिया के पूरा होने के बाद, इस परियोजना से 15 साल के अनुबंध की अवधि के दौरान KPTCL को लगभग ₹130 करोड़ का निश्चित राजस्व मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, निगम को डार्क फाइबर लीजिंग से उत्पन्न राजस्व का 40% हिस्सा और जहां भी KPTCL के सबस्टेशन बुनियादी ढांचे का उपयोग किया जाएगा, वहां को-लोकेशन शुल्क भी प्राप्त होगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

OPGW (ऑप्टिकल ग्राउंड वायर) तकनीक का उपयोग बिजली की लाइनों के ऊपर सुरक्षा तार के रूप में किया जाता है, जिसमें फाइबर ऑप्टिक केबल समाहित होती है। यह तकनीक बिजली ग्रिड के कुशल संचालन के साथ-साथ दूरसंचार के लिए एक सुरक्षित माध्यम भी प्रदान करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. KPTCL कितने फाइबर पेयर्स को लीज पर देगा?
KPTCL अपने कुल 24 फाइबर पेयर्स में से 12 को लीज पर देगा और 12 को अपने उपयोग के लिए रखेगा।

2. इस परियोजना से कितना राजस्व अपेक्षित है?
15 साल के अनुबंध के दौरान लगभग ₹130 करोड़ का निश्चित राजस्व मिलने की उम्मीद है।

क्या आप जानते हैं?: डार्क फाइबर का अर्थ है वह ऑप्टिकल फाइबर जो पहले से बिछा हुआ है लेकिन वर्तमान में किसी डेटा संचार के लिए सक्रिय रूप से उपयोग नहीं किया जा रहा है।