नागार्जुन सागर जलाशय का जलस्तर खतरनाक रूप से गिरकर डेड स्टोरेज के करीब पहुंच गया है, जिससे नहरों के माध्यम से सिंचाई पूरी तरह ठप हो गई है। अब किसान श्रीशैलम बांध से आने वाले बाढ़ के पानी पर निर्भर हैं।
मुख्य बातें
- नागार्जुन सागर का जलस्तर 513 फीट पर है, जो डेड स्टोरेज (510 फीट) के बेहद करीब है।
- नहरों के माध्यम से सिंचाई का प्रवाह पूरी तरह रुक गया है।
- श्रीशैलम बांध में भारी आवक के कारण अगले एक सप्ताह में नागार्जुन सागर में पानी आने की उम्मीद है।
- खरीफ फसलों की बुवाई अब पूरी तरह से ऊपर की ओर हो रही बारिश पर टिकी है।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कृषि क्षेत्र के लिए एक चिंताजनक स्थिति पैदा हो गई है। नागार्जुन सागर जलाशय का जलस्तर अब 'डेड स्टोरेज' के अत्यंत करीब पहुंच गया है। वर्तमान में जलाशय का स्तर 513.70 फीट दर्ज किया गया है, जबकि इसका डेड स्टोरेज स्तर 510 फीट है। इस गिरावट के कारण, जलाशय से नहरों के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी छोड़ना फिलहाल असंभव हो गया है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों के किसान संकट में हैं।
सिंचाई संकट और किसानों की स्थिति
जलाशय में पानी की कमी के कारण बाएं और दाएं नहरों के माध्यम से सिंचाई का प्रवाह पूरी तरह बंद है। खरीफ सीजन की फसलों की बुवाई का समय निकल चुका है, और किसान अब असमंजस की स्थिति में हैं कि वे धान की खेती करें या नहीं। किसानों को अब केवल श्रीशैलम परियोजना से आने वाले बाढ़ के पानी पर निर्भर रहना होगा। यदि श्रीशैलम से पानी का प्रवाह निरंतर बना रहता है, तो नागार्जुन सागर में जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह स्थिति?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, नागार्जुन सागर क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था पूरी तरह से इन नहरों के जल वितरण पर टिकी है। जलस्तर का डेड स्टोरेज के करीब पहुंचना न केवल वर्तमान फसलों के लिए खतरा है, बल्कि यह आने वाले महीनों में जलविद्युत उत्पादन और भविष्य की सिंचाई योजनाओं को भी प्रभावित कर सकता है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले दस दिनों के भीतर श्रीशैलम से पर्याप्त पानी नहीं आता है, तो खरीफ फसलों का बड़ा हिस्सा बर्बाद हो सकता है।
श्रीशैलम और नागार्जुन सागर का तुलनात्मक डेटा
| विशेषता | श्रीशैलम जलाशय | नागार्जुन सागर जलाशय |
|---|---|---|
| वर्तमान जलस्तर | 874 फीट | 513.70 फीट |
| पूर्ण क्षमता स्तर | 885 फीट | 590 फीट |
| स्थिति | भारी आवक (Inflow) | डेड स्टोरेज के करीब |
वर्तमान में, श्रीशैलम बांध में प्रतिदिन लगभग 2 लाख क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। यदि यह आवक जारी रहती है, तो अगले 4 दिनों में श्रीशैलम अपने पूर्ण स्तर पर पहुंच जाएगा, जिसके बाद वहां से गेट खोलकर नागार्जुन सागर में पानी छोड़ा जा सकेगा।
क्या आपको पता है?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. नागार्जुन सागर में पानी कब तक वापस आएगा?
अधिकारियों का अनुमान है कि यदि श्रीशैलम में बारिश जारी रहती है, तो अगले एक सप्ताह के भीतर नागार्जुन सागर में पानी पहुंच सकता है।
2. क्या नहरों से सिंचाई शुरू हो सकती है?
नहीं, जब तक नागार्जुन सागर का जलस्तर कम से कम 550 फीट तक नहीं पहुंच जाता, तब तक बाएं नहर के माध्यम से सिंचाई शुरू करना संभव नहीं होगा।