संसद ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विकास संशोधन विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी है। इस नए कानून का उद्देश्य भुगतान में होने वाली देरी को रोकना और विवादों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
मुख्य बातें
- MSME भुगतान के लिए अब ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (TReDS) का उपयोग अनिवार्य होगा।
- विवाद सुलझाने के लिए मध्यस्थता विफल होने के 30 दिनों के भीतर मध्यस्थता (Arbitration) अनिवार्य है।
- यदि मामला 6 महीने से अधिक लंबित रहता है, तो 50% राशि का भुगतान तुरंत करना होगा।
नई दिल्ली: संसद के दोनों सदनों ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विकास (संशोधन) विधेयक 2026 को पारित कर दिया है। लोकसभा ने आज इसे मंजूरी दे दी, जबकि राज्यसभा ने इसे सोमवार को ही पारित कर दिया था। एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने इस बिल को पेश किया, जिसका मुख्य लक्ष्य छोटे उद्योगों को भुगतान संबंधी समस्याओं से मुक्ति दिलाना है।
भुगतान और विवाद समाधान के नए नियम
इस नए कानून के तहत, सभी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे एमएसएमई से प्राप्त वस्तुओं या सेवाओं के लिए ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (TReDS) के माध्यम से बिलों का निपटान करें। इससे छोटे व्यापारियों को नकदी प्रवाह (Cash Flow) बनाए रखने में बड़ी मदद मिलेगी।
विवादों का त्वरित निपटारा
कानून में विवाद समाधान प्रक्रिया को भी सुव्यवस्थित किया गया है। यदि मध्यस्थता (Mediation) विफल हो जाती है, तो 30 दिनों के भीतर मध्यस्थता (Arbitration) के लिए संदर्भ दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, सुनवाई पूरी होने के 90 दिनों के भीतर निर्णय सुनाना अनिवार्य होगा। एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह भी है कि यदि कोई मामला 6 महीने से अधिक समय तक लंबित रहता है, तो घोषित राशि का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा आपूर्तिकर्ता को तुरंत भुगतान करना होगा।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई की भूमिका रीढ़ की हड्डी की तरह है। भुगतान में देरी अक्सर इन छोटे व्यवसायों के अस्तित्व के लिए खतरा बन जाती है। यह कानून न केवल उनकी कार्यशील पूंजी को सुरक्षित करेगा, बल्कि कानूनी उलझनों में फंसने वाले समय को भी कम करेगा।
यह संशोधन एमएसएमई क्षेत्र में वित्तीय अनुशासन लाने और छोटे उद्यमियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. यह बिल किन व्यवसायों को लाभान्वित करेगा?
यह मुख्य रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को लाभान्वित करेगा।
2. भुगतान में देरी होने पर क्या होगा?
नए नियमों के तहत, यदि मामला 6 महीने से अधिक लंबित है, तो 50% राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।