इंस्टेंट लोन ऐप्स की आसान उपलब्धता ने करोड़ों भारतीयों को कर्ज के एक अंतहीन चक्र में धकेल दिया है। एक छोटा सा लोन चुकाने के लिए नया लोन लेना अब एक गंभीर वित्तीय महामारी बनता जा रहा है।
मुख्य बातें
- इंस्टेंट लोन ऐप्स के जरिए आसान ऋण उपलब्धता ने कर्ज के जाल को बढ़ाया है।
- पुराने कर्ज को चुकाने के लिए नया कर्ज लेना (Refinancing) एक खतरनाक चक्र बन गया है।
- सोशल मीडिया का दिखावा और कम आय युवाओं को इस जाल में फंसाने का बड़ा कारण है।
- 60% कर्जदारों की EMI उनकी कुल मासिक आय के बराबर या उससे अधिक है।
आज के डिजिटल युग में, स्मार्टफोन पर कुछ टैप करते ही पैसा बैंक खाते में आ जाना किसी वरदान जैसा लगता है। लेकिन, लखनऊ के इंजीनियर ऋषभ शुक्ला जैसे लाखों भारतीयों के लिए, यह वरदान एक अभिशाप बन गया है। जो शुरुआत एक छोटे से वित्तीय सहयोग से हुई थी, वह धीरे-धीरे एक ऐसे 'चक्रव्यूह' में बदल गई जिससे निकलना नामुमकिन सा लगने लगा है।
ऋषभ की कहानी किसी से अलग नहीं है। उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष में एक छोटा लोन लिया, जो आसानी से मिल गया। लेकिन जब एक किस्त चूक गई, तो उन्होंने पुराने कर्ज को चुकाने के लिए एक और ऐप से नया लोन ले लिया। यहीं से शुरू हुआ 'कर्ज चुकाने के लिए कर्ज' लेने का सिलसिला, जिसने अंततः उनके CIBIL स्कोर को बर्बाद कर दिया।
यह क्यों मायने रखता है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि एक व्यापक आर्थिक संकट है। जब ऋण की वृद्धि पुनर्भुगतान क्षमता से अधिक हो जाती है, तो परिवार बुनियादी जरूरतों जैसे भोजन और शिक्षा के लिए संघर्ष करने लगते हैं।
"खतरा तब पैदा होता है जब कर्ज पुनर्भुगतान क्षमता से तेजी से बढ़ता है। परिवार मौजूदा देनदारियों को चुकाने के लिए केवल पुनर्वित्त (Refinancing) के चक्र में फंस जाते हैं," - मनो रंजन शर्मा, मुख्य अर्थशास्त्री।
हालिया सर्वेक्षणों के अनुसार, संकट में फंसे 60% कर्जदारों की मासिक EMI उनकी कुल पारिवारिक आय के बराबर या उससे अधिक है। इससे न केवल उनकी बचत खत्म हो रही है, बल्कि वे आवश्यक जीवन स्तर को बनाए रखने में भी असमर्थ हो रहे हैं।
ऋण जाल का तुलनात्मक प्रभाव
| कारक | स्वस्थ वित्तीय स्थिति | लोन ऐप चक्रव्यूह |
|---|---|---|
| ऋण का उद्देश्य | जरूरत या निवेश | पुराने कर्ज को चुकाना |
| EMI का बोझ | आय का छोटा हिस्सा | आय का बड़ा हिस्सा या पूरी आय |
| CIBIL स्कोर | सुधरेगा/स्थिर रहेगा | तेजी से गिरेगा |
मुंबई के रिकवरी एजेंट सुरेश गौड़ा के अनुसार, सोशल मीडिया का दिखावा भी इस समस्या को बढ़ा रहा है। युवा पेशेवर इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया पर अपनी जीवनशैली को बनाए रखने के लिए उन पैसों को भी उधार ले रहे हैं जो उनके पास नहीं हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. लोन ऐप्स के जाल में फंसने का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारण आसान उपलब्धता, कम दस्तावेजीकरण और पुराने कर्ज को चुकाने के लिए नया कर्ज लेने की आदत है।
2. कर्ज के जाल से कैसे बचें?
हमेशा अपनी आय के अनुसार ही खर्च करें, कई लोन ऐप्स के बजाय एक ही विश्वसनीय बैंक से संपर्क करें और अपना CIBIL स्कोर नियमित रूप से जांचें।