बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक ने अपनी लेंडिंग दरों (MCLR) में वृद्धि की है। इस बदलाव का आपके मौजूदा और नए लोन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, विस्तार से समझें।
मुख्य बातें
- बैंक ऑफ बड़ौदा ने 3-महीने की लेंडिंग दर में 10 बेसिस पॉइंट की वृद्धि की है।
- केनरा बैंक ने अधिकांश अवधियों के लिए MCLR में 5 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है।
- यह वृद्धि RBI द्वारा रेपो रेट में बदलाव न करने के बावजूद बैंकों की अपनी फंडिंग लागत के कारण हुई है।
- MCLR से जुड़े लोन लेने वालों की EMI या लोन की अवधि बढ़ सकती है।
भारतीय बैंकिंग क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) और केनरा बैंक (Canara Bank) ने अपनी लेंडिंग दरों में संशोधन किया है, जिससे कर्ज लेने वाले ग्राहकों के लिए वित्तीय बोझ बढ़ सकता है। यह बदलाव 12 अगस्त से प्रभावी हो गया है।
दरों में क्या बदलाव हुआ है?
घोषणा के अनुसार, बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी तीन महीने की लेंडिंग दर को 10 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 8.20% से 8.30% कर दिया है। हालांकि, बैंक की अन्य MCLR दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दूसरी ओर, केनरा बैंक ने अधिकांश अवधियों के लिए अपने MCLR में 5 बेसिस पॉइंट की वृद्धि की है। केनरा बैंक की एक महीने की दर 8% से बढ़कर 8.05% हो गई है, जबकि तीन महीने की दर 8.25% से बढ़कर 8.30% हो गई है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बैंकों द्वारा दरों में यह वृद्धि सीधे तौर पर RBI के रेपो रेट से नहीं जुड़ी है। चूंकि RBI ने अपनी मौद्रिक नीति में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है, इसलिए यह वृद्धि बैंकों की अपनी फंड जुटाने की लागत (Cost of Funds) में वृद्धि का परिणाम है। बैंक अपने मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठा रहे हैं।
ब्याज दरों में मामूली वृद्धि भी लंबे समय के ऋणों पर कुल भुगतान में बड़ा अंतर पैदा कर सकती है।
MCLR (Marginal Cost of Funds-Based Lending Rate) वह बेंचमार्क दर है जिसका उपयोग बैंक ऋण की न्यूनतम दर निर्धारित करने के लिए करते हैं। यदि आपका लोन MCLR से जुड़ा है, तो दर वृद्धि के बाद आपकी मासिक EMI बढ़ सकती है या आपके ऋण की अवधि (Tenure) बढ़ सकती है।
| बैंक का नाम | बदलाव का प्रकार | बदलाव (bps) |
|---|---|---|
| बैंक ऑफ बड़ौदा | 3-महीने की दर | +10 bps |
| केनरा बैंक | अधिकांश अवधियां | +5 bps |
Frequently Asked Questions
1. क्या मेरी मौजूदा EMI तुरंत बढ़ जाएगी?
यह आपके लोन के 'रीसेट पीरियड' पर निर्भर करता है। यदि आपका लोन MCLR से लिंक है और रीसेट की तारीख आ गई है, तो EMI बढ़ सकती है।
2. क्या यह वृद्धि RBI के फैसले के कारण है?
नहीं, RBI ने रेपो रेट को अपरिवर्तित रखा है। यह वृद्धि बैंकों की अपनी परिचालन लागत और जमा दरों में बदलाव के कारण है।