केंद्र सरकार ने टेलीविजन चैनलों के लिए प्रति घंटे 12 मिनट के विज्ञापन प्रसारण की सीमा को समाप्त कर दिया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) ने बदलते प्रसारण परिदृश्य और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है।

मुख्य बिंदु

  • सरकार ने टीवी चैनलों पर लगने वाली '10+2' विज्ञापन सीमा को आधिकारिक रूप से खत्म कर दिया है।
  • यह कदम ब्रॉडकास्टर्स को ओटीटी (OTT) और डिजिटल मीडिया के साथ प्रतिस्पर्धा करने में मदद करने के लिए उठाया गया है।
  • अब चैनल अपनी आवश्यकता के अनुसार विज्ञापनों का समय तय कर सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सकती है।

नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव में, सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने टेलीविजन चैनलों पर लगने वाले दशकों पुराने विज्ञापन कैप को हटाने की मंजूरी दे दी है। इससे पहले, नियमों के तहत प्रति घंटे केवल 12 मिनट के विज्ञापन प्रसारित करने की अनुमति थी, जिसे अब बदलते मीडिया परिदृश्य को देखते हुए खत्म कर दिया गया है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और नियम

वर्षों तक, भारतीय टेलीविजन क्षेत्र में '10+2' नियम लागू था, जिसके तहत चैनल प्रति घंटे 10 मिनट विज्ञापन और 2 मिनट प्रायोजित कार्यक्रम या स्व-प्रचार दिखा सकते थे। यह नियम दर्शकों को अत्यधिक विज्ञापनों से बचाने के लिए बनाया गया था। लेकिन, डिजिटलीकरण और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के उदय के साथ, जहां किसी विज्ञापन सीमा की बाध्यता नहीं है, पारंपरिक टीवी चैनलों ने अपनी आय में कमी की शिकायत की थी।

यह मायने क्यों रखता है

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कदम टीवी प्रसारण उद्योग के लिए एक नई सुबह लेकर आया है। विज्ञापन सीमा में ढील देने से ब्रॉडकास्टर्स को अपने राजस्व मॉडल को फिर से तैयार करने का मौका मिलेगा, खासकर उन श्रेणियों में जहां लागत बढ़ रही है। हालांकि, यह दर्शकों के अनुभव पर भी प्रभाव डालेगा, क्योंकि अब विज्ञापन ब्रेक लंबे हो सकते हैं।

यह निर्णय उद्योग की लंबे समय से लंबित मांग थी, लेकिन इसका फायदा तभी मिलेगा जब चैनल इसे दर्शकों की परेशानी का कारण बिना बनाए संतुलित तरीके से उपयोग करें।

पुराने नियम बनाम नए नियम की तुलना

पहलूपुराना नियम (10+2)नया नियम (उदारीकरण)
विज्ञापन सीमाप्रति घंटे 12 मिनटकोई सीमा नहीं
प्रसारकों पर प्रभावआय में प्रतिबंधआय में वृद्धि की संभावना
दर्शक अनुभवसीमित विरामसंभावित रूप से लंबे विराम
क्या आप जानते हैं?: भारत में विज्ञापन सीमा का नियम 2005 के टेलीविजन चैनलों (विनियमन) कानून के तहत लागू किया गया था, ताकि दर्शकों को अनावश्यक व्यावसायिक सामग्री से बचाया जा सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या अब टीवी पर विज्ञापनों की संख्या बढ़ जाएगी?
हां, चैनल अब अपनी सुविधा के अनुसार अधिक विज्ञापन प्रसारित कर सकते हैं, जिससे विज्ञापन ब्रेक लंबे हो सकते हैं।

2. सरकार ने यह नियम क्यों बदला?
सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ प्रतिस्पर्धा करने और ब्रॉडकास्टिंग उद्योग को वित्तीय रूप से मजबूत करने के लिए यह निर्णय लिया है।