अमेरिकी व्हाइट हाउस ने बताया कि 40 से अधिक देशों ने चीन को कम ड्यूटी वाले देशों के माध्यम से अपना माल निर्यात कर टैरिफ से बचने में मदद की। इस प्रक्रिया ने अमेरिकी नौकरियों और राजस्व पर बड़ी चोट पहुंचाई।

मुख्य बिंदु

  • 40 से अधिक देशों ने चीन को टैरिफ से बचने में सहायता की
  • ट्रांसशिपिंग द्वारा उच्च ड्यूटी वाली वस्तुओं को पुनः पैकेज किया गया
  • अमेरिकी नौकरियों और राजस्व को अरबों डॉलर का नुकसान

रिपोर्ट का मुख्य निष्कर्ष

व्हाइट हाउस ने गुरुवार को जारी किए गए एक रिपोर्ट में कहा कि कनाडा, भारत, मेक्सिको, जापान और दक्षिण कोरिया सहित 40 से अधिक देशों ने चीन को अमेरिकी टैरिफ से बचने में मदद की। इन देशों के माध्यम से चीन ने संभावित रूप से 30 बिलियन से 300 बिलियन डॉलर के माल को कम ड्यूटी वाले रूटिंग्स के जरिए भेजा।

व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नारवो ने बताया कि इस टैरिफ चकमा ने "अमेरिकी नौकरियों और राजस्व में अरबों डॉलर का नुकसान" किया है। रिपोर्ट में कहा गया कि चीन ने "कागजी धोखाधड़ी" के तहत माल के वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए तीसरे देशों को स्टॉपओवर के रूप में इस्तेमाल किया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध 2018 से शुरू होकर कई दौर की प्रतिबंध और टैरिफ वृद्धि देख चुका है। 2025 में, राष्ट्रपति ट्रम्प ने कई अमेरिकी व्यापार भागीदारों पर टैरिफ लगाया, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया, लेकिन नई प्रतिबंधों की धारा बनी रही। इस बीच, दोनों देशों ने रोबोट और ड्रोन निर्यात पर भी प्रतिबंध लगाया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the scale of the “Great Transshipment Scam” reflects a sophisticated global network that undermines tariff policy, potentially reshaping future trade negotiations between Washington and Beijing.

"यदि चीन इस तरह के ट्रांसशिपिंग को जारी रखता है, तो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में असमानता बढ़ेगी और अमेरिकी उद्योगों को गंभीर नुकसान होगा," कहा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञ डॉ. अनीता शर्मा ने।
Did You Know?: ट्रांसशिपिंग की प्रक्रिया को रोकने के लिए अमेरिकी सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) टूल्स को लागू किया है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: कौन से देश सबसे अधिक चीन को टैरिफ चकमा में मदद कर रहे हैं?

उत्तर: रिपोर्ट में प्रमुख रूप से कनाडा, भारत, मेक्सिको, जापान और दक्षिण कोरिया का उल्लेख किया गया है।

प्रश्न 2: इस रिपोर्ट का अमेरिकी-चीन शिखर सम्मेलन पर क्या असर पड़ेगा?

उत्तर: यह रिपोर्ट ट्रम्प-शी के आगामी शिखर सम्मेलन में टैरिफ विवादों को और तीव्र बना सकती है, जिससे वार्ता की कठिनाई बढ़ेगी।