व्हाइट हाउस की एक नई रिपोर्ट ने वैश्विक व्यापार में हो रहे एक बड़े 'ट्रांसशिपमेंट घोटाले' का खुलासा किया है, जिससे अमेरिका को सालाना $26 बिलियन तक का नुकसान हो रहा है। इस घोटाले में चीन और कई अन्य देशों पर सामान की उत्पत्ति छिपाकर अमेरिकी टैरिफ से बचने का आरोप लगाया गया है।
मुख्य बातें
- व्हाइट हाउस ने 'द ग्रेट ट्रांसशिपमेंट स्कैम' नामक 25 पन्नों की रिपोर्ट जारी की है।
- अनुमान है कि इस घोटाले से अमेरिकी खजाने को सालाना $19 बिलियन से $26 बिलियन का नुकसान हो रहा है।
- चीन, मैक्सिको, पनामा और कोलंबिया जैसे देशों को उच्च जोखिम वाले देशों के रूप में पहचाना गया है।
- अमेरिकी सीमा शुल्क (CBP) अब इस धोखाधड़ी को पकड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर रहा है।
व्हाइट हाउस के व्यापार और विनिर्माण नीति कार्यालय ने गुरुवार को एक चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की, जिसमें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के माध्यम से अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए किए जा रहे 'ट्रांसशिपमेंट' (Transshipment) के बड़े पैमाने पर उपयोग का खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह एक सुनियोजित घोटाला है जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुँचा रहा है।
रिपोर्ट में विशेष रूप से चीन को इस घोटाले के सबसे विकसित ऐतिहासिक उदाहरण के रूप में चिन्हित किया गया है। 2018 में चीन पर 'सेक्शन 301' टैरिफ लगाए जाने के बाद, चीनी निर्यातकों ने सीधे अमेरिका भेजने के बजाय सामान को तीसरे देशों के माध्यम से भेजना शुरू कर दिया। इन देशों में सामान की केवल मामूली असेंबली, रीपैकेजिंग या लेबल बदलने का काम किया जाता है ताकि उत्पाद का मूल देश बदलकर उसे कम टैरिफ वाला दिखाया जा सके।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह केवल व्यापारिक हेरफेर नहीं है, बल्कि यह वैश्विक आर्थिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है। यदि सामान की उत्पत्ति को सफलतापूर्वक छिपाया जाता है, तो अमेरिकी टैरिफ नीतियां अपना उद्देश्य खो देती हैं, जिससे घरेलू उद्योगों को नुकसान पहुँचता है और सरकारी राजस्व में भारी कमी आती है।
"वर्षों से, इस महान ट्रांसशिपमेंट घोटाले ने कम्युनिस्ट चीन को अपने निर्यात को वैध बनाने (Launder) का मौका दिया है," व्हाइट हाउस व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने कहा।
रिपोर्ट में पनामा, मैक्सिको, कोलंबिया, ब्राजील, अर्जेंटीना, चिली, पेरू, कोस्टा रिका और डोमिनिकन रिपब्लिक जैसे देशों को भी उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में रखा गया है। रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि भारत जैसे देश भी इस पद्धति का उपयोग कर सकते हैं, इसलिए ट्रंप प्रशासन नए व्यापार ढांचे में ऐसे प्रावधान शामिल कर रहा है जो इस तरह की गतिविधियों में शामिल भागीदारों को दंडित करेंगे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
2018 में अमेरिका द्वारा चीन पर लगाए गए व्यापारिक प्रतिबंधों ने वैश्विक व्यापार मार्गों को बदल दिया। इसके जवाब में, दुनिया भर में 'फ्री-ट्रेड जोन' और 'बॉन्डेड वेयरहाउस' का एक नेटवर्क विकसित हुआ, जिसका उपयोग उत्पादों के मूल देश को बदलने के लिए किया जाने लगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. ट्रांसशिपमेंट घोटाला क्या है?
यह एक ऐसी प्रक्रिया है जहाँ सामान को टैरिफ से बचने के लिए एक तीसरे देश से गुज़ारा जाता है और उसकी उत्पत्ति का देश बदल दिया जाता है।
2. अमेरिका इस धोखाधड़ी को कैसे रोक रहा है?
अमेरिकी सीमा शुल्क (CBP) अब इस धोखाधड़ी का पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर रहा है।